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Kannauj News: साढ़े छह बीघा भूमि बनी वजह, भाई ने कर दिया रिश्ते का कत्ल
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फोटो :40: ग्राम सहियापुर में हत्या की जांच करती पुलिस। संवाद
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इंदरगढ़ (कन्नौज)। साढ़े छह बीघा भूमि भाई की हत्या और खुद की मौत की वजह बन गई। जिस भूमि को उसने संपत्ति समझा, आखिर में वही भूमि उसके रिश्ते के कत्ल और खुद के विनाश का कारण बन गई है। दो भाइयों की मौत के बाद सबसे छोटे भाई की आंख से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। डीआईजी हरीश चंदर, एसपी विनोद कुमार, सीओ कुलवीर सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी ली।
ग्राम सहियापुर के रामासरे, रामभोले और विवेक के पिता के पास 20 बीघा भूमि थी जिसमें तीनों को बराबर-बराबर भूमि मिली थी। रामासरे के हिस्से में करीब साढ़े छह बीघा भूमि आई थी। रामासरे अविवाहित थे और छोटे भाई विवेक के साथ रहते थे। रामभोले को लग रहा था कि बड़े भाई रामासरे पूरी भूमि छोटे भाई को दे देंगे। सोमवार की सुबह गुस्से में रामासरे पर फावड़ा से हमला कर दिया। भाई की हत्या के बाद वह इतना डर गया कि रामभोले ने खुद फंदा लगाकर जान दे दी। भाई के फावड़ा मारने से पहले उसने यह नहीं सोचा कि जिस भूमि के लिए वह अपने ही भाई को मार रहा है, वह हमेशा उसकी नहीं रहेगी। डीआईजी ने पूरे मामले की हर बिंदु पर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते यह घटना हुई है। एसपी को मामले की बिंदुवार जांच के निर्देश दिए हैं।
रामासरे खा रहे थे सत्तू
विवाद से पहले रामासरे गांव के बाहर बने घर में बैठकर सत्तू खा रहे थे। उसी दौरान विवाद में रामभोले ने फावड़ा से रामासरे पर हमला कर दिया जिससे उनकी जान चली गई। इसके बाद उसने गांव के बाहर फंदा लगा लिया।
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घर पहुंचा विवेक तो लहूलुहान मिले रामासरे
छोटे भाई विवेक ने बताया कि वह गांव के बाहर बने घर पर नहीं था, जब वह गांव के बाहर बने घर पर पहुंचा तो बड़े भाई रामासरे खून से लथपथ पड़े मिले और रामभोले वहां पर नहीं थे। आनन-फानन में वह भाई को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गया जहां से डॉक्टर ने कानपुर रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
10 दिन पहले रामभोले ने किया था जान देने का प्रयास
बेटे अमन ने बताया कि पिता रामभोले हाई ब्लड प्रेशर के मरीज थे। 10 दिन पहले भी पेड़ में फंदा लगाकर जान देने का प्रयास कर चुके थे। तब उसने और बहन प्रियंका ने किसी तरह उतार लिया था। ताऊ रामासरे के फावड़ा मारने के बाद पिता ने उसी पेड़ में फंदा लगा लिया। वह अपने भाई-बहन के साथ उसी पेड़ के पास पहुंचे तो पिता का शव फंदे पर लटका देखा और परिजन व ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी।
ग्राम सहियापुर के रामासरे, रामभोले और विवेक के पिता के पास 20 बीघा भूमि थी जिसमें तीनों को बराबर-बराबर भूमि मिली थी। रामासरे के हिस्से में करीब साढ़े छह बीघा भूमि आई थी। रामासरे अविवाहित थे और छोटे भाई विवेक के साथ रहते थे। रामभोले को लग रहा था कि बड़े भाई रामासरे पूरी भूमि छोटे भाई को दे देंगे। सोमवार की सुबह गुस्से में रामासरे पर फावड़ा से हमला कर दिया। भाई की हत्या के बाद वह इतना डर गया कि रामभोले ने खुद फंदा लगाकर जान दे दी। भाई के फावड़ा मारने से पहले उसने यह नहीं सोचा कि जिस भूमि के लिए वह अपने ही भाई को मार रहा है, वह हमेशा उसकी नहीं रहेगी। डीआईजी ने पूरे मामले की हर बिंदु पर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते यह घटना हुई है। एसपी को मामले की बिंदुवार जांच के निर्देश दिए हैं।
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रामासरे खा रहे थे सत्तू
विवाद से पहले रामासरे गांव के बाहर बने घर में बैठकर सत्तू खा रहे थे। उसी दौरान विवाद में रामभोले ने फावड़ा से रामासरे पर हमला कर दिया जिससे उनकी जान चली गई। इसके बाद उसने गांव के बाहर फंदा लगा लिया।
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छोटे भाई विवेक ने बताया कि वह गांव के बाहर बने घर पर नहीं था, जब वह गांव के बाहर बने घर पर पहुंचा तो बड़े भाई रामासरे खून से लथपथ पड़े मिले और रामभोले वहां पर नहीं थे। आनन-फानन में वह भाई को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गया जहां से डॉक्टर ने कानपुर रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
10 दिन पहले रामभोले ने किया था जान देने का प्रयास
बेटे अमन ने बताया कि पिता रामभोले हाई ब्लड प्रेशर के मरीज थे। 10 दिन पहले भी पेड़ में फंदा लगाकर जान देने का प्रयास कर चुके थे। तब उसने और बहन प्रियंका ने किसी तरह उतार लिया था। ताऊ रामासरे के फावड़ा मारने के बाद पिता ने उसी पेड़ में फंदा लगा लिया। वह अपने भाई-बहन के साथ उसी पेड़ के पास पहुंचे तो पिता का शव फंदे पर लटका देखा और परिजन व ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी।

फोटो :40: ग्राम सहियापुर में हत्या की जांच करती पुलिस। संवाद