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Cyber Crime: साइबर ठग ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर महिला को धमकाया, 15.30 लाख रुपये ठगे

अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 07 Feb 2026 12:33 PM IST
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सार

बरेली में एक बुजुर्ग महिला से 15.30 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। पीड़िता के मुताबिक साइबर ठग ने कॉल कर खुद को आईपीएस बताकर उन्हें धमकाया। कहा कि उनके खाते का इस्तेमाल धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। इसके बाद उसने कई बार में उनसे रकम ट्रांसफर करा ली।  

cyber fraudster posing as an IPS officer threatened a woman and swindled money
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

साइबर ठग ने खुद को दिल्ली पुलिस का आईपीएस अधिकारी बताकर बरेली की बुजुर्ग महिला से 15.30 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठग कई महीने तक धमकाकर रकम ट्रांसफर कराते रहे। ठगी का अहसास होने पर वृद्धा ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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इज्जतनगर के गायत्रीनगर की रहने वाली सुनीता सिंह ने साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह को बताया कि उनके पति सेना में थे। उनका निधन हो चुका है। वह अकेली ही घर में रहती हैं। उनकी आयु साठ साल से ज्यादा है। 31 जुलाई 2025 को उनके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार गौतम बताया। उसने सुनीता से कहा कि उनके खाते का इस्तेमाल धोखाधड़ी व मनी लॉड्रिंग के लिए किया गया है। 
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सुनीता इस बात से घबरा गईं। उन्होंने साइबर ठग को अधिकारी समझकर उसके कहने पर 20 अगस्त को पांच लाख, 21 अगस्त को 80 हजार, 23 अगस्त को 50 हजार और आठ सितंबर को नौ लाख रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। ठग ने उन्हें बताया कि इस रकम को सरकारी कोष में जमा करके जांच की जा रही है। महिला को चेतावनी दी गई कि वह किसी को इसकी जानकारी न दें, अन्यथा अंजाम बुरा होगा।

फोटोस्टेट दुकान संचालक ने बताई हकीकत
सुनीता सिंह ने इंस्पेक्टर को बताया कि वह पूरी तरह साइबर ठगों की बात मान रही थीं। वह इस दौरान दूसरे राज्यों में धार्मिक यात्रा करने गईं, लेकिन वहां भी किसी को कुछ नहीं बताया। इस दौरान ठग हर रकम की रिसीविंग और जांच संबंधी कागजात उन्हें मोबाइल पर भेजते रहे। उन्हें बताया जा रहा था कि जांच पूरी होते ही पूरी रकम उनके खाते में लौटा दी जाएगी। 

हाल ही में वह लौटकर घर आईं तो ठगों के भेजे कागजातों की फोटोस्टेट कराकर फाइल तैयार कराने पड़ोस की दुकान पर पहुंचीं। फोटोस्टेट करने वाला लड़का उन्हें जानता था। उसने उनसे कागजों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताने से मना कर दिया। जब लड़के ने बताया कि उनके साथ कोई ठगी तो नहीं की जा रही तो उन्हें अहसास हुआ। तब वह साइबर थाने में शिकायत करने पहुंचीं। 

साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, पीड़िता को ही काफी समय बाद ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने शिकायत की। फोन नंबर और खातों के आधार पर जांच की जा रही है।

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