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बुंदेलखंड के लिए बजट में नहीं खास, टूटी आस
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बांदा। यूपी की योगी सरकार के आम बजट से कुछ खास मिलने की आस लगाए बैठे बुंदेलियों को फिलहाल निराशा ही हाथ लगी है। सरकार के कार्यकाल के पांचवें आम बजट में सोमवार को पुरानी योजनाओं को तवज्जो देते हुए रुपयों का प्रावधान किया गया है। बुंदेलखंड की 20 विधानसभा सीटों में 19 सीटें जीतने वाली भाजपा की योगी सरकार आम बजट में भी उन्नीस ही साबित हुई है। निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 14.92 अरब रुपये बजट में दिए गए हैं। साथ ही विशेष योजनाओं के लिए 2.10 अरब रुपये का प्रावधान किया है।
वहीं श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट में पर्यटन के विकास के लिए मात्र 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में बुंदेलियों ने भाजपा पर भरपूर भरोसा जताया था। एक तरह से इकतरफा वोटिंग की थी। बुंदेलखंड के सभी सात जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, जालौन, झांसी और ललितपुर की 20 सीटों में 19 भाजपा को सौंप दीं थीं। विपक्षी दल सिर्फ एक सीट पर सीमित होकर रह गए थे। भाजपा के प्रति इस दरियादिली के बाद भी बुंदेलियों को वह सब नहीं मिला जो उन्हें उम्मीदें थीं। पिछले चार सालों के बजट में प्रदेश की योगी सरकार ने बुंदेलखंड को उस अनुपात से नहीं नवाजा जैसा बुंदेलियों ने वोट से अलंकृत किया था।
सोमवार को प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल का पांचवां आम बजट पेश किया। लगभग एक करोड़ की आबादी वाले बुंदेलियों को काफी उम्मीदें थीं कि इस आम बजट में उनकी पिछली निराशाएं आशाओं में बदलेंगी, लेकिन ऐसा कुछ बजट में नजर नहीं आया। प्रदेश सरकार ने ज्यादातर बजट पुरानी योजनाओं को ही दिया है। बुंदेलखंड के हिस्से में विशेष रूप से 17 अरब 32 करोड़ रुपये आए हैं। इनमें 86 फीसदी बजट यानि 14 अरब 92 करोड़ निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए है। विशेष योजनाओं के लिए मात्र दो अरब 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बुंदेलखंड में नियोजन के लिए मात्र 10 करोड़ रुपये बजट के लिए दिए गए हैं।
इंसेट---
जन्मभूमि को 400 करोड़, तपोभूमि को 20 करोड़
श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट को मात्र 20 करोड़, जबकि श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या को 400 करोड़ रुपये मिले हैं। संख्या का यह बड़ा अंतर प्रदेश सरकार के बजट का एक हिस्सा है। श्रीराम ने वनवास के 14 वर्ष चित्रकूट में बिताए। यह उनकी कर्मभूमि कहलाती है। उधर, अयोध्या उनकी जन्मभूमि है। प्रदेश सरकार के बजट में चित्रकूट को विशेषतौर से सिर्फ 20 करोड़ रुपये पर्यटन विकास की कई योजनाओं के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। उधर, अयोध्या में पर्यटन सुविधाओं और विकास एवं सुंदरीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसके अलावा राम जन्म भूमि मंदिर अयोध्या धाम तक पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इंसेट---
यूपी के बजट में बुंदेलखंड---
1-बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 1492 करोड़ रुपये।
2-बुंदेलखंड क्षेत्र की विशेष योजनाओं के लिए 210 करोड़ रुपये।
3-बुंदेलखंड में विशेष योजनाओं (नियोजन) के लिए 10 करोड़ रुपये।
4-चित्रकूट में पर्यटन विकास योजनाओं के लिए 20 करोड़ रुपये।
5-बुंदेलखंड में रक्षा इलेक्ट्रानिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापना लक्ष्य (बिना बजट)
इंसेट---
इनको अलग से नहीं मिला कुछ---
कृषि, चिकित्सा, आवास, ग्राम्य विकास, शिक्षा, श्रमिक कल्याण, स्वच्छता, पंचायती राज, पशुपालन, उद्यान एवं खाद्य प्रस्करंण, सहकारिता, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, वन एवं पर्यावरण, समाज कल्याण, परिवहन इत्यादि।
इंसेट---
बजट में खाली रही महोबा की झोली
महोबा। योगी सरकार ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया। आम बजट में बुंदेलखंड क्षेत्र की विशेष योजनाओं के लिए 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हालांकि, महोबा जिले को अलग से कोई सौगात नहीं मिली और बुंदेलियों की झोली खाली रही। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा के लिए 700 करोड़ की व्यवस्था करने से किसान गदगद हैं। किसानों को फसली ऋण व प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं महाअभियान के तहत सोलर पंपों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को आय बढ़ने की उम्मीद जगी है। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अलग से बजट मिलने की बुंदेलों को उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। (संवाद)
इंसेट---
धर्मनगरी को 20 करोड़ से मिली कुछ राहत
चित्रकूट। योगी सरकार के आम बजट में चित्रकूट को खास महत्व देने से लोग उत्साहित हैं। चित्रकूट में पर्यटन विकास के लिए 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा से ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार की उम्मीद जगी है। प्रदेश के खूबसूरत टेबल टॉप एयरपोर्ट का कार्य इसी वर्ष पूरा कराने की घोषणा से उम्मीद है कि अब जल्द हवाई जहाज उतरेंगे। उधर, मानिकपुर क्षेत्र के विकास के लिए कोई विशेष योजना न होने पर लोग निराश भी हैं। (संवाद)
इंसेट---
जिले के लिए बजट में नहीं मिला कुछ
हमीरपुर। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वार्षिक बजट पेश कर लुभाने का प्रयास किया है। उन्होंने बजट को गांव, गरीब, किसान के लिए हितकारी बताया है। साथ ही उद्यमियों सहित महिलाओं व युवाओं के लिए लाभकारी बताया है। बजट में बुंदेलखंड को भी विशेष योजनाओं के लिए व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवासों को भी विशेष महत्व दिया गया, लेकिन बजट में जिले को अलग से कुछ नहीं दिया गया है। जिले में अन्ना मवेशियों से निजात दिलाने, सिंचाई की सुविधाएं बढ़ाने, ध्वस्त पड़ी सड़कों के निर्माण सहित अन्य प्रमुख समस्याएं हैं, लेकिन कोई बजट नहीं जारी किया गया है। (संवाद)
इंसेट
एक्सप्रेस-वे को रफ्तार, पाइप लाइन से पानी की धार
जालौन। प्रदेश सरकार के बजट से जिले से निकल रहे 79 किमी के बुंदेलखंड एक्सप्रेस के निर्माण को रफ्तार मिलेगी। हर साल सर्दी हो या गर्मी पानी की किल्लत झेल रहे जिले को भी प्रदेश सरकार ने पेयजल की सौगात दी है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य जिले कैथेरी, भुआ, सहाव, करतलापुर, टिमरो, धंतौली, कुठौंद, माधौगढ़ आदि ब्लाक के गांवों से गुजर रहा है। सरकार ने समूचे एक्सप्रेस-वे के लिए 1492 करोड़ स्वीकृत किए हैं। इससे जिले से गुजर रहे 79 किमी लंबे इस एक्सप्रेस वे निर्माण को ठीक ठाक रफ्तार मिलने की संभावना है। पानी संकट से जूझ रहे बुंदेलखंड के लिए करीब 3000 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इससे जिले के कदौरा, महेवा, रामपुरा, नदीगांव आदि ब्लाकों की पेयजल समस्या का भी निदान होगा, हैंडपंपों के आगे लाइन लगाने वाले ग्रामीणों के घरों तक पाइप लाइन के सहारे पानी पहुंचेगा। पीडब्ल्यूडी को मिली धनराशि से बीहड़ के रामपुरा, माधौगढ़, सरावन, कालपी आदि क्षेत्रों की भी सूरत बदलने की उम्मीद है। (संवाद)
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वहीं श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट में पर्यटन के विकास के लिए मात्र 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में बुंदेलियों ने भाजपा पर भरपूर भरोसा जताया था। एक तरह से इकतरफा वोटिंग की थी। बुंदेलखंड के सभी सात जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, जालौन, झांसी और ललितपुर की 20 सीटों में 19 भाजपा को सौंप दीं थीं। विपक्षी दल सिर्फ एक सीट पर सीमित होकर रह गए थे। भाजपा के प्रति इस दरियादिली के बाद भी बुंदेलियों को वह सब नहीं मिला जो उन्हें उम्मीदें थीं। पिछले चार सालों के बजट में प्रदेश की योगी सरकार ने बुंदेलखंड को उस अनुपात से नहीं नवाजा जैसा बुंदेलियों ने वोट से अलंकृत किया था।
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सोमवार को प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल का पांचवां आम बजट पेश किया। लगभग एक करोड़ की आबादी वाले बुंदेलियों को काफी उम्मीदें थीं कि इस आम बजट में उनकी पिछली निराशाएं आशाओं में बदलेंगी, लेकिन ऐसा कुछ बजट में नजर नहीं आया। प्रदेश सरकार ने ज्यादातर बजट पुरानी योजनाओं को ही दिया है। बुंदेलखंड के हिस्से में विशेष रूप से 17 अरब 32 करोड़ रुपये आए हैं। इनमें 86 फीसदी बजट यानि 14 अरब 92 करोड़ निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए है। विशेष योजनाओं के लिए मात्र दो अरब 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बुंदेलखंड में नियोजन के लिए मात्र 10 करोड़ रुपये बजट के लिए दिए गए हैं।
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जन्मभूमि को 400 करोड़, तपोभूमि को 20 करोड़
श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट को मात्र 20 करोड़, जबकि श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या को 400 करोड़ रुपये मिले हैं। संख्या का यह बड़ा अंतर प्रदेश सरकार के बजट का एक हिस्सा है। श्रीराम ने वनवास के 14 वर्ष चित्रकूट में बिताए। यह उनकी कर्मभूमि कहलाती है। उधर, अयोध्या उनकी जन्मभूमि है। प्रदेश सरकार के बजट में चित्रकूट को विशेषतौर से सिर्फ 20 करोड़ रुपये पर्यटन विकास की कई योजनाओं के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। उधर, अयोध्या में पर्यटन सुविधाओं और विकास एवं सुंदरीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसके अलावा राम जन्म भूमि मंदिर अयोध्या धाम तक पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
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यूपी के बजट में बुंदेलखंड---
1-बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 1492 करोड़ रुपये।
2-बुंदेलखंड क्षेत्र की विशेष योजनाओं के लिए 210 करोड़ रुपये।
3-बुंदेलखंड में विशेष योजनाओं (नियोजन) के लिए 10 करोड़ रुपये।
4-चित्रकूट में पर्यटन विकास योजनाओं के लिए 20 करोड़ रुपये।
5-बुंदेलखंड में रक्षा इलेक्ट्रानिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापना लक्ष्य (बिना बजट)
इंसेट---
इनको अलग से नहीं मिला कुछ---
कृषि, चिकित्सा, आवास, ग्राम्य विकास, शिक्षा, श्रमिक कल्याण, स्वच्छता, पंचायती राज, पशुपालन, उद्यान एवं खाद्य प्रस्करंण, सहकारिता, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, वन एवं पर्यावरण, समाज कल्याण, परिवहन इत्यादि।
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बजट में खाली रही महोबा की झोली
महोबा। योगी सरकार ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया। आम बजट में बुंदेलखंड क्षेत्र की विशेष योजनाओं के लिए 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हालांकि, महोबा जिले को अलग से कोई सौगात नहीं मिली और बुंदेलियों की झोली खाली रही। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा के लिए 700 करोड़ की व्यवस्था करने से किसान गदगद हैं। किसानों को फसली ऋण व प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं महाअभियान के तहत सोलर पंपों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को आय बढ़ने की उम्मीद जगी है। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अलग से बजट मिलने की बुंदेलों को उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। (संवाद)
इंसेट---
धर्मनगरी को 20 करोड़ से मिली कुछ राहत
चित्रकूट। योगी सरकार के आम बजट में चित्रकूट को खास महत्व देने से लोग उत्साहित हैं। चित्रकूट में पर्यटन विकास के लिए 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा से ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार की उम्मीद जगी है। प्रदेश के खूबसूरत टेबल टॉप एयरपोर्ट का कार्य इसी वर्ष पूरा कराने की घोषणा से उम्मीद है कि अब जल्द हवाई जहाज उतरेंगे। उधर, मानिकपुर क्षेत्र के विकास के लिए कोई विशेष योजना न होने पर लोग निराश भी हैं। (संवाद)
इंसेट---
जिले के लिए बजट में नहीं मिला कुछ
हमीरपुर। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वार्षिक बजट पेश कर लुभाने का प्रयास किया है। उन्होंने बजट को गांव, गरीब, किसान के लिए हितकारी बताया है। साथ ही उद्यमियों सहित महिलाओं व युवाओं के लिए लाभकारी बताया है। बजट में बुंदेलखंड को भी विशेष योजनाओं के लिए व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवासों को भी विशेष महत्व दिया गया, लेकिन बजट में जिले को अलग से कुछ नहीं दिया गया है। जिले में अन्ना मवेशियों से निजात दिलाने, सिंचाई की सुविधाएं बढ़ाने, ध्वस्त पड़ी सड़कों के निर्माण सहित अन्य प्रमुख समस्याएं हैं, लेकिन कोई बजट नहीं जारी किया गया है। (संवाद)
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एक्सप्रेस-वे को रफ्तार, पाइप लाइन से पानी की धार
जालौन। प्रदेश सरकार के बजट से जिले से निकल रहे 79 किमी के बुंदेलखंड एक्सप्रेस के निर्माण को रफ्तार मिलेगी। हर साल सर्दी हो या गर्मी पानी की किल्लत झेल रहे जिले को भी प्रदेश सरकार ने पेयजल की सौगात दी है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य जिले कैथेरी, भुआ, सहाव, करतलापुर, टिमरो, धंतौली, कुठौंद, माधौगढ़ आदि ब्लाक के गांवों से गुजर रहा है। सरकार ने समूचे एक्सप्रेस-वे के लिए 1492 करोड़ स्वीकृत किए हैं। इससे जिले से गुजर रहे 79 किमी लंबे इस एक्सप्रेस वे निर्माण को ठीक ठाक रफ्तार मिलने की संभावना है। पानी संकट से जूझ रहे बुंदेलखंड के लिए करीब 3000 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इससे जिले के कदौरा, महेवा, रामपुरा, नदीगांव आदि ब्लाकों की पेयजल समस्या का भी निदान होगा, हैंडपंपों के आगे लाइन लगाने वाले ग्रामीणों के घरों तक पाइप लाइन के सहारे पानी पहुंचेगा। पीडब्ल्यूडी को मिली धनराशि से बीहड़ के रामपुरा, माधौगढ़, सरावन, कालपी आदि क्षेत्रों की भी सूरत बदलने की उम्मीद है। (संवाद)
