UP: अतरौलिया सीट को लेकर निषाद पार्टी और सुभासपा आमने-सामने, कैबिनेट मंत्री ने कही बड़ी बात; बताया इतिहास
Azamgarh News: निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने कहा कि भाजपा की आधिकारिक घोषणा तक अतरौलिया विधानसभा सीट निषाद पार्टी की मानी जाएगी। उनके बयान के बाद अतरौलिया सीट को लेकर निषाद पार्टी और सुभासपा के बीच राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है। दोनों दल अपने-अपने दावे मजबूत बता रहे हैं, जिससे गठबंधन में अंदरूनी हलचल बढ़ गई है।
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UP Politics News: मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने अतरौलिया विधानसभा सीट पर पार्टी की दावेदारी को लेकर को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक अतरौलिया सीट निषाद पार्टी की मानी जाएगी। अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र से निषाद पार्टी ही चुनाव लड़ेगी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत सिंह यहां से प्रत्याशी होंगे।
डॉ. संजय निषाद बृहस्पतिवार की रात क्षेत्र के ग्राम पचरी भगतपुर में आयोजित निषाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत सिंह के जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम में पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। देर रात तक चले कार्यक्रम में क्षेत्रीय नेताओं, समर्थकों और कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा लगा रहा।
मीडिया से की बातचीत
पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. निषाद ने कहा कि अतरौलिया विधानसभा सीट शुरू से ही निषाद पार्टी की रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में निषाद समाज की संख्या अधिक है और पार्टी का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया।
प्रशांत सिंह को पार्टी का मजबूत चेहरा बताते हुए उन्होंने कहा कि वह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनता के बीच काम कर रहे हैं और उन्हें लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। ओमप्रकाश राजभर के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. निषाद ने कहा कि गठबंधन राजनीति में सहयोगी दलों के बीच समन्वय और सम्मान बेहद जरूरी है। राजभर समाज और निषाद समाज दोनों एक-दूसरे के सहयोग से ही राजनीतिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। किसी भी समाज को नाराज कर चुनाव जीतना संभव नहीं है।
विपक्षियों पर साधा निशाना
सीटों के बंटवारे को लेकर उन्होंने भाजपा नेतृत्व के सामने नया फॉर्मूला भी रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा जहां-जहां चुनाव हारी है, वे सीटें निषाद पार्टी को दी जाएं। निषाद पार्टी उन सीटों पर गठबंधन को जीत दिलाने का काम करेगी। उन्होंने दावा किया कि आजमगढ़ जिले की सभी दस विधानसभा सीटों पर निषाद मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं और पार्टी को मौका मिलने पर वह मजबूती से चुनाव लड़कर जीत दर्ज करेगी।
आरक्षण के मुद्दे पर डॉ. संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों की सरकारों ने निषाद समाज को उनके अधिकारों से वंचित रखने का काम किया है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अपने अधिकारों और आरक्षण की लड़ाई लगातार लड़ता रहेगा तथा समाज अब राजनीतिक रूप से पूरी तरह जागरूक हो चुका है।