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गौरीगंज में बनेगा सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस
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गौरीगंज (अमेठी)। सिंचाई विभाग की ओर से जिला मुख्यालय स्थित टांडा-बांदा हाईवे पर जल्द ही गेस्ट हाउस का निर्माण कराया जाएगा। 3.36 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का मानचित्र व डीपीआर को विभाग की मंजूरी के बाद शासन से वित्तीय एवं प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। विभाग जल्द निविदा के माध्यम से ठेकेदार नामित कर अपनी निगरानी में गेस्ट हाउस का निर्माण कराएगा।
जुलाई 2010 में नवसृजित जिले में सुविधाएं बढ़ाने की कवायद में जुटे शासन के आदेश पर सिंचाई विभाग जिला मुख्यालय पर जल्द ही एक गेस्ट हाउस बनाएगा। सिंचाई विभाग के स्थानीय कार्यालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट व मानचित्र को विभाग ने मंजूरी प्रदान की है।
विभागीय मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने प्रस्ताव शासन को भेजते हुए धनावंटन की मांग की थी। विभाग के प्रस्ताव को शासन ने 25 जनवरी को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद विशेष सचिव मुश्ताक अहमद ने प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन को पत्र जारी कर निर्देश दिया है।
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निविदा के माध्यम से ठेकेदार का चयन कर विभाग गेस्ट हाउस का निर्माण शहर के पूर्वी छोर पर टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कराएगा। विभाग की ओर से भेजे गए डीपीआर के अनुसार गेस्ट हाउस के निर्माण पर तीन करोड़ 36 लाख 34 हजार रुपए की लागत आएगी।
गेस्ट हाउस के लिए प्रस्तावित भूमि राजस्व अभिलेखों में पहले से विभाग के नाम दर्ज है। इस जमीन का कुल रकबा 4.5 हेक्टेयर है। बांदा-टांडा हाईवे पर यह भूमि 87.55 मीटर व हाईवे से निकलकर गौरीगंज-अमेठी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास पर भूमि की लंबाई 154 मीटर है।
60.19 लाख रुपये अवमुक्त
विभाग की भूमि पर भव्य गेस्ट हाउस का निर्माण सुनिश्चित हो सके इसके लिए शासन नेे 25 जनवरी को प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ ही 60 लाख 19 हजार रुपए की प्रथम किश्त भी अवमुक्त कर दी है। राशि अवमुक्त होने के बाद विभाग जल्द ही स्वीकृत मानचित्र के आधार पर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी मेें है।
जिस जगह पर सिंचाई विभाग का वीवीआईपी गेस्ट हाउस बनाया जाएगा वहां पूरी भूमि पर बाउंड्रीवॉल, सीसी रोड, बाइक-कार पार्किंग व लॉन बनाया जाएगा। भवन के पहले फ्लोर पर भव्य विशाल मीटिंग हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा बाहर से आने वाले अतिथियों के रुकने के लिए ऑलीशान कमरे बनाए जाएंगे।
जल संरक्षण से लैस होगा परिसर
गेस्ट हाउस परिसर में जल संरक्षण के पर्याप्त इंतजाम रहेंगे। यहां पाइप पेयजल योजना के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।
डिवीजनल ऑफिस का भी होगा निर्माण
सिंचाई खंड-41 के अधिशाषी अभियंता व सिंचाई विभाग के नोडल आफिसर धर्मेंद्र वर्मा ने पहले से विभाग के नाम दर्ज भूमि पर वीवीआईपी गेस्ट हाउस बनाने को स्वीकृति मिलने की बात स्वीकार की है। कहा कि इस भूमि पर गेस्ट हाउस के साथ ही विभाग की सुविधा के लिए एक डिवीजनल ऑफिस भी बनाया जाएगा।
दूर होगी ठहरने की समस्या
सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस बनने के बाद विभाग के अधिकारियों के अलावा दूसरे जिले व प्रांतों से आने वाले वीआईपी/वीवीआईपी को ठहरने की समस्या दूर हो सकेगी। अब तक जिला मुख्यालय पर कोई गेस्ट हाउस नहीं होने से अतिथियों को जगदीशपुर के साथ ही बीएचईएल व मुंशीगंज के एचएएल गेस्ट हाउस में रुकना पड़ता था।
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जुलाई 2010 में नवसृजित जिले में सुविधाएं बढ़ाने की कवायद में जुटे शासन के आदेश पर सिंचाई विभाग जिला मुख्यालय पर जल्द ही एक गेस्ट हाउस बनाएगा। सिंचाई विभाग के स्थानीय कार्यालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट व मानचित्र को विभाग ने मंजूरी प्रदान की है।
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विभागीय मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने प्रस्ताव शासन को भेजते हुए धनावंटन की मांग की थी। विभाग के प्रस्ताव को शासन ने 25 जनवरी को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद विशेष सचिव मुश्ताक अहमद ने प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन को पत्र जारी कर निर्देश दिया है।
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निविदा के माध्यम से ठेकेदार का चयन कर विभाग गेस्ट हाउस का निर्माण शहर के पूर्वी छोर पर टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कराएगा। विभाग की ओर से भेजे गए डीपीआर के अनुसार गेस्ट हाउस के निर्माण पर तीन करोड़ 36 लाख 34 हजार रुपए की लागत आएगी।
गेस्ट हाउस के लिए प्रस्तावित भूमि राजस्व अभिलेखों में पहले से विभाग के नाम दर्ज है। इस जमीन का कुल रकबा 4.5 हेक्टेयर है। बांदा-टांडा हाईवे पर यह भूमि 87.55 मीटर व हाईवे से निकलकर गौरीगंज-अमेठी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास पर भूमि की लंबाई 154 मीटर है।
60.19 लाख रुपये अवमुक्त
विभाग की भूमि पर भव्य गेस्ट हाउस का निर्माण सुनिश्चित हो सके इसके लिए शासन नेे 25 जनवरी को प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ ही 60 लाख 19 हजार रुपए की प्रथम किश्त भी अवमुक्त कर दी है। राशि अवमुक्त होने के बाद विभाग जल्द ही स्वीकृत मानचित्र के आधार पर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी मेें है।
जिस जगह पर सिंचाई विभाग का वीवीआईपी गेस्ट हाउस बनाया जाएगा वहां पूरी भूमि पर बाउंड्रीवॉल, सीसी रोड, बाइक-कार पार्किंग व लॉन बनाया जाएगा। भवन के पहले फ्लोर पर भव्य विशाल मीटिंग हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा बाहर से आने वाले अतिथियों के रुकने के लिए ऑलीशान कमरे बनाए जाएंगे।
जल संरक्षण से लैस होगा परिसर
गेस्ट हाउस परिसर में जल संरक्षण के पर्याप्त इंतजाम रहेंगे। यहां पाइप पेयजल योजना के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।
डिवीजनल ऑफिस का भी होगा निर्माण
सिंचाई खंड-41 के अधिशाषी अभियंता व सिंचाई विभाग के नोडल आफिसर धर्मेंद्र वर्मा ने पहले से विभाग के नाम दर्ज भूमि पर वीवीआईपी गेस्ट हाउस बनाने को स्वीकृति मिलने की बात स्वीकार की है। कहा कि इस भूमि पर गेस्ट हाउस के साथ ही विभाग की सुविधा के लिए एक डिवीजनल ऑफिस भी बनाया जाएगा।
दूर होगी ठहरने की समस्या
सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस बनने के बाद विभाग के अधिकारियों के अलावा दूसरे जिले व प्रांतों से आने वाले वीआईपी/वीवीआईपी को ठहरने की समस्या दूर हो सकेगी। अब तक जिला मुख्यालय पर कोई गेस्ट हाउस नहीं होने से अतिथियों को जगदीशपुर के साथ ही बीएचईएल व मुंशीगंज के एचएएल गेस्ट हाउस में रुकना पड़ता था।
