Bhanu Saptami 2026 Shubh Muhurat: भानु सप्तमी भगवान सूर्य को समर्पित एक अत्यंत पुण्यदायी पर्व माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तब उसे भानु सप्तमी कहा जाता है। पंचांग के मुताबिक, वर्ष 2026 में भानु सप्तमी का पर्व 8 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। चूंकि रविवार का संबंध सूर्य देव से होता है, इसलिए यह तिथि धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।
Bhanu Saptami 2026: भानु सप्तमी कल, सूर्य देव की कृपा पाने के लिए करें इस विधि से पूजा
Bhanu Saptami 2026: मान्यता है कि भानु सप्तमी के दिन सूर्य उपासना करने से स्वास्थ्य लाभ, कार्यों में सफलता और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। साथ ही, यह दिन आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी उत्तम माना गया है। आइए जानते हैं भानु सप्तमी 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि के बारे में।
भानु सप्तमी 2026 तिथि और समय
- भानु सप्तमी की तिथि: 8 फरवरी 2026, रविवार
- सप्तमी तिथि समाप्त- शाम 5:43 बजे
- सूर्योदय- सुबह 7:06 बजे
- सूर्यास्त- शाम 5:55 बजे
भानु सप्तमी 2026 शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 5:21 से 6:31 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:13 से 12:57 बजे तक
- अमृत काल- शाम 7:18 से रात 9:04 बजे तक
- रवि योग- सुबह 7:05 बजे से अगले दिन सुबह 5:02 बजे तक
भानु सप्तमी पर सूर्य देव की पूजा विधि
भानु सप्तमी के दिन भक्त प्रातःकाल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करते हैं। स्नान के जल में गंगाजल या तिल मिलाना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प और थोड़ी-सी सिंदूर मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करना चाहिए। अर्घ्य देते समय गायत्री मंत्र या सूर्य मंत्रों का जाप करना लाभकारी होता है। इस दिन फलाहार या दूध पर आधारित व्रत रखा जाता है। साथ ही, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ और सूर्य नमस्कार करने से सूर्य देव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
भानु सप्तमी 2026 का महत्व
भानु सप्तमी का दिन सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्य को जीवन, ऊर्जा और तेज का प्रतीक माना गया है। इस दिन उनकी पूजा करने से आत्मबल बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। मान्यता है कि सूर्य उपासना से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और वह धर्म व सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।