केरल पिछले एक महीने से कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों के चपेट में है। शिगेला और वेस्ट नाइल फीवर के साथ यहां निपाह संक्रमण को लेकर लोगों में डर देखा जा रहा है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने 43 वर्षीय व्यक्ति के निपाह संक्रमित होने की जानकारी दी थी। केरल के कोझिकोड में सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एन्सेफलाइटिस के लक्षणों के साथ आए इस व्यक्ति में संक्रमण का पता चला था।
Kerala News: केरल में शिगेला और निपाह का अलर्ट, अब तक कितने मामले? स्वास्थ्य मंत्री ने दी सारी जानकारी
निपाह वायरस और शिगेला के मामलों पर केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने जानकारी दी है। इस महीने शिगेला के 70 मामले सामने आए हैं। जानिए निपाह का क्या अपडेट है?
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स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?
#WATCH | Kozhikode | On Nipah virus and Shigella cases, Keralam Health Minister K Muraleedharan says, "This month, 70 cases of Shigella were reported. A total of 146 have been reported till now. Five deaths have occured... To prevent viral and amoebic diseases, we have formed a… pic.twitter.com/HEQHUgDhbX
निपाह वायरस और शिगेला के मामलों पर केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा, इस महीने शिगेला के 70 मामले सामने आए हैं। अब तक कुल मिलाकर 146 मामले सामने आ चुके हैं। इससे पांच लोगों की मौत हुई है।
वायरल और अमीबिक बीमारियों को रोकने के लिए हमने एक कमेटी बनाई है, जिसके चेयरमैन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सलाहकार डॉ. एसएस लाल हैं। हम हर हफ्ते बैठक करके स्थिति की रिपोर्ट लेंगे और अधिकारियों को उससे संबंधित निर्देश दिए जाएंगे। यह कमेटी ऐसी बीमारियों को हमेशा के लिए रोकने के तरीकों पर भी रिसर्च करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, इस साल सरकार निपाह वायरस को फैलने से रोकने में कामयाब रहेगी। लैब में भेजे गए 38 से ज्यादा सैंपल में से सिर्फ एक व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है और वह अस्पताल में वेंटिलेटर पर है।
संक्रमण की रोकथाम के लिए क्या उपाय किए जा रहे?
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जब मरीज 10 तारीख को जब मरीज अस्पताल में भर्ती किया गया था तब उसकी हालत बहुत खराब थी। डॉक्टरों ने बताया कि अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं, हालांकि अब पांच दिन बीत जाने के बाद उसकी स्थिति में थोड़ा सुधार है हालांकि अब भी वह वेंटिलेटर पर ही है।
इस तरह की संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ स्वास्थ्य कर्मचारियों और फूड एंड सेफ्टी के साथ मिलकर हम दूषित और संक्रामण के संभावित स्रोतों की साफ-सफाई और संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए काम कर रहे हैं।
हमें साफ पीने के पानी को लेकर कई शिकायतें भी मिली थीं। इसके लिए फूड एंड सेफ्टी अथॉरिटी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। नदियों और जलस्रोतों की साफ-सफाई हमारा बड़ा लक्ष्य है, जिससे कई बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि फिलहाल कॉलरा (हैजा) के मामले नहीं हैं।
शिगेला-वेस्ट नाइल फीवर और निपाह के बारे में जानिए?
- शिगेला संक्रमण एक बैक्टीरियल बीमारी है जो मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के जरिए फैलती है। यह पेट और आंतों पर असर डालती है और गंभीर स्थिति में शरीर को काफी कमजोर कर सकती है। मुख्य रूप से फेकल-ओरल यानी संक्रमित व्यक्ति के मल में मौजूद सूक्ष्मजीवों के किसी तरह से संपर्क में आने से ये फैलता है।
- वेस्ट नाइल वायरस एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है और दिमागी बुखार तक का कारण बन सकता है। गंभीर मामलों में यह दिमाग तक पहुंचकर एन्सेफलाइटिस या मेनिन्जाइटिस का कारण बन सकता है।
- इसी तरह निपाह एक जूनोटिक वायरल संक्रमण है, जिसका मतलब है कि यह जानवरों से इंसानों में फैल सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार फल खाने वाले चमगादड़ों से इसके फैलने का खतरा सबसे ज्यादा माना जाता है। शुरुआत इसके लक्षण हल्के बुखार जैसे होते हैं हालांकि गंभीर स्थिति में ये ब्रेन में संक्रमण (एन्सेफलाइटिस) तक का कारण बन सकता है। संक्रमितों में इसकी मृत्यु दर 40% से 75% तक देखी गई है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।