मौत को इस तरह दावत दे सकते हैं नींद में खर्राटे
क्या आपको रात को सोते समय खर्राटे आते हैं? साथ में डायबिटीज, हाइपरटेंशन या दिल की बीमार है? ऐसे लोग तुरंत किसी पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ से संपर्क करें क्योंकि उन्हें ‘स्लीप एप्निया’ रोग हो सकता है।
इस रोग में सोते समय खर्राटों की वजह से मस्तिष्क को ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाती जिससे मरीज की जान भी जा सकती है।
केजीएमयू के पल्मोनरी मेडिसिन डिपार्टमेंट के स्लीप स्पेशलिस्ट व उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि सोते समय खर्राटे आते हैं, काम करते-करते, ड्राइविंग करते समय या फिर मीटिंग में न चाहते हुए भी सो जाते हैं।
ये सभी ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया (ओएसए) के लक्षण हैं। यदि इन लक्षणों के साथ डायबिटीज, हाइपर टेंशन या फिर दिल की बीमारी भी है।
ये आपकी जिंदगी पर मंडरा रहे गंभीर खतरे के संकेत हैं। क्योंकि ड्राइविंग करते समय नींद आ जाने से आपका एक्सीडेंट हो सकता है।
वहीं खर्राटे के कारण आपका दिल कार्य करना बंद सकता है। इसलिए तुरंत किसी पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ से मिलकर अपनी बीमारियों का निदान कराना चाहिए।
रुक सकती है सांस
इस बीमारी में सोते समय सांस की नली के ऊपरी हिस्से में रुकावट आ जाती है। इससे सांस कुछ समय के लिए रुक जाती है। इससे मस्तिष्क को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
ये स्थिति खतरनाक हो सकती है लेकिन मरीजों को पता ही नहीं होता कि उसे कोई दिक्कत है। सिर्फ स्लीप लैब में ही इस बीमारी की डायग्नोसिस संभव है।
यदि सोते समय खर्राटे आते हैं तो बायीं करवट सोना चाहिए और नींद की दवा लेने से बचना चाहिए।
उन्होंने बताया एक बार बीमारी का पता लगने के बाद सीपेप मशीन लगवाना ही इस बीमारी का सबसे अच्छा इलाज है। मास्कनुमा इस मशीन को सोते समय ही लगाया जाता है। जिससे वहां श्वांस नली में ठीक से जाती रहती है।
ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया के लक्षण
-सोते हुए अचानक सांस रुकने के एहसास से नींद टूटना
-सुबह उठते समय सिर दर्द
-सुबह उठने के बाद ताजगी महसूस न होना
-खर्राटे या दिन में नींद आना
-चिड़चिड़ापन और ताजगी महसूस न होना
-दिल की धड़कन बढ़ना
-खट्टी डकारें आना (इसोफेगल रिफलक्स डिजीज)
किसे हो सकती है बीमारी
-मोटे लोगों को
-छोटी व मोटी गर्दन वालों को
-टांसिल बढ़े हो तो
-अक्सर नाक बंद रहती हो
-शराब, सिगरेट व नशीली दवाओं का सेवन करने वालों को