नाई से शेविंग करवाते हैं तो हो सकती है ये गंभीर बीमारी
नाई की दुकान की फिटकरी से भी हेपेटाइटिस-सी का संक्रमण हो सकता है। इसलिए बाहर दाढ़ी बनवाने से बचना चाहिए।
बहुत जरूरी हो तो हमेशा सेविंग के लिए नई ब्लेड व नए सामान का का ही उपयोग करना चाहिए।
यही नहीं वर्ष 2001 के पहले अगर किसी व्यक्ति को खून चढ़ा है तो उसे हेपेटाइटिस सी की जांच जरूर करानी चाहिए।
सेक्स वर्कर, हेल्थ वर्कर, डॉक्टरों के लिए ये और भी जरूरी हो जाता है। यदि हम जागरूक रहें तो हेपेटाइटिस-सी के संक्रमण से बच सकते हैं।
संजय गांधी पीजीआई के गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के हेड प्रो. विवेक सारस्वत ने यह जानकारी बृहस्पतिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।
ये है साइलेंट किलर
प्रो. विवेक ने बताया कि हेपेटाइटिस सी साइलेंट किलर बीमारी है। इसके बारे में पता तब चलता है जब लिवर पूरी तरह से खराब हो जाता है।
हेपेटाइटिस-सी वायरस 15 से 20 वर्ष के बाद अपना असर दिखाता है। उन्होंने बताया कि यूपी में लगभग 15 लाख लोग हेपेटाइटिस-सी से संक्त्रस्मित हैं।
इनमें केवल एक फीसदी लोगों को ही इलाज मिल रहा है। यही नहीं नई दवा से हेपेटाइटिस-सी से ग्रस्त 95 फीसदी लोगों का इलाज संभव होगा।
नई दवा प्रत्येक वायरस के जीनोम पर कार्यरत है। प्रो. यूसी घोषाल ने बताया कि नई दवा से तीन से 6 महीने में ही मरीज वायरस से मुक्त हो जाता है।
गंगा राम हॉस्पिटल नई दिल्ली से आए डॉ. अनिल अरोड़ा ने बताया की यूपी के आजमगढ़ पीलीभीत और नोएडा के पास के विलासपुर गांव से हैं।