पढ़िए, UP बोर्ड परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर
यूपी बोर्ड परीक्षा में लगने वाले केंद्र व्यवस्थापकों के लिए नीति बुधवार को जारी कर दी गई। इसके मुताबिक इस बार केंद्र के अंदर परीक्षार्थी मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे।
पिछले साल परीक्षा के दौरान मोबाइल पर नकल करने की शिकायतें मिलने की वजह से इस बार प्रतिबंध लगाया गया है। इसके लिए केंद्र के गेट पर तलाशी ली जाएगी।
वहीं, सामान्य परीक्षार्थियों को सवा तीन घंटे का समय मिलेगा। निशक्तों को 20 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद की ने नीति जारी करते हुए कहा है कि राजकीय व सहायता प्राप्त शिक्षकों को कम से कम 20 पालियों में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करनी होगी।
इससे कम ड्यूटी करने वालों का वेतन काटा जाएगा और उस दिन गैर हाजिर माना जाएगा। केंद्र के अंदर बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित और फोटोग्राफी प्रतिबंधित होगी।
केंद्र व्यवस्थापकों की जिम्मेदारी होगी कि परीक्षा नकलविहीन हो। परीक्षा के दौरान केंद्र व्यवस्था इस बात का विशेष ध्यान रखेगा कि कक्ष निरीक्षक किसी तरह की गड़बड़ी न करे। गड़बड़ी करने की शिकायत पर उसे ड्यूटी से बाहर करते हुए उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जानें, कहां बनेगा अंग्रेजी माध्यम वालों का परीक्षा केंद्र
अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा देने वालों का केंद्र जिला मुख्यालय के राजकीय इंटर कॉलेजों को ही बनाया जाएगा। वहीं चित्रकला व काष्ठकला विषय में परीक्षार्थियों को दी जाने वाली सादी उत्तर पुस्तिका के साथ दिए जाने वाले कला पत्र पर भी केंद्र व्यवस्थापक के हस्ताक्षर सहित मुहर लगाना अनिवार्य होगा।
पूर्व की तरह इंटर हिंदी व गणित के दो प्रश्न पत्र ही होंगे
केंद्र व्यवस्थापकों को एक बार फिर यह स्पष्ट किया गया है कि नीति के मुताबिक इस वर्ष इंटर हिंदी, सामान्य हिंदी व गणित विषय की परीक्षा तीन प्रश्नपत्र के स्थान पर दो ही होगी।
दोनों प्रश्नपत्र 50-50 अंक के होंगे। इसी तरह हाईस्कूल के सभी विषयों में 100 के स्थान पर 70 अंक के प्रश्नपत्र होंगे और 30 अंक का आंतरिक मूल्यांकन प्रोजेक्ट व प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर होगा।