अयोध्या को विश्व का सबसे सुंदर शहर बनाने में जुटी योगी सरकार, प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा की
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री व अयोध्या जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अयोध्या पहुंचकर सर्किट हाउस सभाकक्ष में विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पर्यटन विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि अयोध्या को विश्व का सबसे सुंदर शहर बनाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार प्रतिबद्घ है। दिव्य व भव्य अयोध्या के लिए तमाम योजनाओं पर काम चल रहा है। पूरे अयोध्या को अद्भुत स्वरूप प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री योगी ने सभी विभागों के अधिकारियों को मिलाकर एक कमेटी बनाई है जो इस दिशा में काम कर रही है। शीघ्र ही ग्लोबल आर्किटेक्ट का भी चयन किया जाएगा ताकि अयोध्या का समेकित विकास हो सके।
प्रभारी मंत्री ने अयोध्या को विश्व पटल पर विकसित करने हेतु कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो भी कार्य हों वह 20 से 25 वर्षोँ तक चलने वाले हों और उसमें गुणवत्ता का पूरा ध्यान दिया जाए। 50 लाख रुपये से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की तथा इन कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण करें।
प्रभारी मंत्री ने अयोध्या हवाई अड्डा, अयोध्या बस स्टेशन आदि से संबंधित कार्यों की समीक्षा की और कहा कि जो भी बाधाएं है उन्हें जिला प्रशासन जल्द से जल्द दूर करें। अयोध्या के पवित्र कुंडों सहित प्रमुख 208 स्थलों के विकास के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी के साथ आवश्यक बैठक कर डीपीआर बनाने हेतु निर्देश दिया।
मोहबरा बाईपास को फोरलेन बनाने का दिया गया प्रस्ताव
बैठक में श्री राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या धाम के आसपास के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता प्रांतीय खंड को मोहबरा बाईपास के फोरलेन का प्रस्ताव बनाने के लिए कहा।
उन्होंने दीपोत्सव सहित आगामी त्योहारों को लेकर कोविड को देखते हुए रिपोर्ट बनाकर देने को कहा ताकि इन उत्सवों को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा कर आगामी तैयारी की जा सके। प्रभारी मंत्री ने रामलला व हनुमानगढ़ी के दरबार में भी हाजिरी लगाई।
600 एकड़ जमीन चिह्नित करने का निर्देश
प्रभारी मंत्री ने विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष विशाल सिंह एवं महानिदेशक पर्यटन एनजी रवि कुमार को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभाग के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से अतिरिक्त 500-600 एकड़ जमीनों का चिन्हांकन किया जाए जिससे कि भविष्य में सरकारी होटल या गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा स्थापित किये जाने वाले होटलों व अन्य प्रदेश के राज्य सरकारों की मांग के अनुरूप भूमि की व्यवस्था की जा सके।
रामकथा संकुल निर्माण में गड़बड़ी की जांच के आदेश
विगत वर्षों से नयाघाट पर रामलीला संकुल का निर्माण हो रहा है इसकी लागत लगभग 5 करोड़ थी जिसकी संपूर्ण धनराशि जल निगम की निर्माण इकाई सीएंडडीएस को दे दी गई है। इसका कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है। इससे जुड़े हुए लोगों द्वारा एक करोड़ बीस लाख के आसपास की धनराशि की गड़बड़ी की गई है।
इस पर पूर्व में निर्माण इकाई सीएंडडीएस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई है परंतु उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई जिस पर प्रभारी मंत्री ने असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने बैठक में उपस्थित संस्कृति के संयुक्त निदेशक वाईपी सिंह को पूरे विवरण के साथ शीघ्र पत्रावली विभाग को एवं पुलिस महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।