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Lucknow News: सेवा से बर्खास्तगी मामले में केजीएमयू के रजिस्ट्रार तलब
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हाईकोर्ट।
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लखनऊ। हाईकोर्ट ने सेवा से बर्खास्तगी से जुड़े वर्ष 2020 के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को 27 मई को कोर्ट की सहायता के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने सख्त चेतावनी दी है कि उस दिन यदि विश्वविद्यालय पक्ष की ओर से सुनवाई टालने (केस बढ़वाने) का कोई भी अनुरोध किया गया, तो 10,000 रुपये के हर्जाने के बाद ही उसे स्वीकार किया जाएगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने डॉ. नीतू सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्षकारों के बार-बार तारीख बढ़वाने की प्रवृत्ति पर गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने रेखांकित किया कि बर्खास्तगी का यह गंभीर मामला वर्ष 2020 से लंबित चल रहा है। इससे पहले की सुनवाई में भी केजीएमयू के अधिवक्ता के विशेष आग्रह पर इस शर्त के साथ मामला स्थगित किया गया था कि अगली तारीख पर स्थगन नहीं दिया जाएगा।
वर्तमान सुनवाई में पीठ ने स्पष्ट किया कि कोर्ट इस मामले को 10,000 रुपये के हर्जाने के प्रतिबंध के साथ मुल्तवी करना चाहता था, लेकिन फिलहाल वह यह जुर्माना लागू नहीं कर रहा है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 27 मई की तिथि नियत करते हुए साफ कर दिया कि उस रोज केस बढ़ाने की कोई भी प्रार्थना बिना 10,000 रुपये का हर्जाना दिए स्वीकार नहीं होगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने डॉ. नीतू सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्षकारों के बार-बार तारीख बढ़वाने की प्रवृत्ति पर गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने रेखांकित किया कि बर्खास्तगी का यह गंभीर मामला वर्ष 2020 से लंबित चल रहा है। इससे पहले की सुनवाई में भी केजीएमयू के अधिवक्ता के विशेष आग्रह पर इस शर्त के साथ मामला स्थगित किया गया था कि अगली तारीख पर स्थगन नहीं दिया जाएगा।
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वर्तमान सुनवाई में पीठ ने स्पष्ट किया कि कोर्ट इस मामले को 10,000 रुपये के हर्जाने के प्रतिबंध के साथ मुल्तवी करना चाहता था, लेकिन फिलहाल वह यह जुर्माना लागू नहीं कर रहा है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 27 मई की तिथि नियत करते हुए साफ कर दिया कि उस रोज केस बढ़ाने की कोई भी प्रार्थना बिना 10,000 रुपये का हर्जाना दिए स्वीकार नहीं होगी।