योगी सरकार ने पेश किया 11,388 करोड़ का अनुपूरक बजट, केंद्रीय योजनाओं को दी रफ्तार
योगी आदित्यनाथ सरकार के 11,388.17 करोड़ रुपये के पहले अनुपूरक बजट में गांव, गरीब से लेकर सडक, बिजली, सिंचाई, एक्सप्रेस-वे और हवाई सेवाओं तक के विस्तार पर फोकस किया गया है। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने सोमवार को विधानसभा में यह बजट पेश किया। इसमें सड़क व बिजली के लिए 1359 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। वहीं, निर्धन बेटियों की शादी के लिए 392 करोड़ रुपये की नई योजना का एलान किया।
अनुपूरक बजट में केंद्र व राज्य सरकार की पहले से घोषित फ्लैगशिप योजनाओं को रफ्तार देने के साथ-साथ सीएम द्वारा समय-समय पर घोषित नई योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों पर अमल के लिए भी बजट का बंदोबस्त किया गया है। सीमित संसाधनों के बीच वित्त मंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और प्राइमरी स्कूलों में पहली कक्षा से आठवीं तक के छात्रो को ‘स्वेटर’, गांवों में अंत्येष्टि स्थलों के विकास, सड़कों, राज्य राजमार्गों के निर्माण, विस्तार, चौड़ीकरण व सिंचाई से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट का इंतजाम किया है।
अनुपूरक बजट में ये है खास-
- अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान को 1.3 करोड़ रुपए
- मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना को 7.5 करोड़ रुपए।
- पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए दो अलग-अलग मदों में 2.3 करोड़ व 150 करोड़ रुपए का अनुदान
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की स्थापना एवं संचालन के लिए 11.3 करोड़ रुपए।
- दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत विद्युत वितरण कार्यों हेतु 580 करोड़।
- राष्ट्रीय औद्योगिक मिशन योजना हेतु 10 करोड़।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु 413 करोड़।
- एटीएस के लिए 4.4 करोड़ तथा एसटीएफ को दो पहिया और चार पहिया वाहनों की खरीद के लिए 3.5 करोड़ रुपए।
- राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए विभिन्न मदों में 425 करोड़ रुपए।
- नागरिक उड्डयन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं हेतु 200 करोड़।
- ईवीएम तथा वीवी पैट की मरम्मत आदि के लिए 10 करोड़ रुपए।
- प्रदेश के अधीनस्थ न्यायालयों में सीसीटीवी कैमरों एवं सुरक्षा उपकरणों हेतु 25 करोड़।
इन योजनाओं का रखा खास ख्याल
योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने पहले अनुपूरक बजट में केंद्रीय योजनाओं को रफ्तार दी है। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने सोमवार को जो अनुपूरक बजट पेश किया उसमें 2022 तक सभी को आवास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर को बिजली योजना, स्वच्छता योजना का खास ख्याल रखा है।
अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) करने समेत स्वच्छता के लिए 1745 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर घोषित व कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों पर अमल करते हुए कई नई योजनाओं लिए भी पैसा दिया है।
सचिवालय की सुरक्षा, बायोमीट्रिक हाजिरी, ई-ऑफिस के लिए भी पैसे
पिछले सत्र में विधानसभा की सुरक्षा को लेकर कई उपायों का एलान किया गया था। अनुपूरक बजट में विधान भवन में पहले से स्थापित सीसीटीवी सर्विलांस प्रणाली के स्थान पर अत्याधुनिक डिजिटल सीसीटीवी सर्विलांस प्रणाली की स्थापना के लिए 3.44 करोड़ और सचिवालय में बायोमीट्रिक हाजिरी से जुड़े सिस्टम के लिए 65 लाख तथा ई-ऑफिस के लिए 25 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
योगी-हृदयनारायण के लगेंगे तैलचित्र
विधानसभा सचिवालय की गैलरी में प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन हाल में विधानसभा अध्यक्षों के तैलचित्र लगे हैं। मुख्यमंत्री योगी के तैलचित्र के लिए 39.48 लाख जबकि विस अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित के तैलचित्र के लिए 7.23 लाख रुपये की व्यवस्था की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए मिला 1558 करोड़
गांव-गरीब पर विशेष फोकस करने के दावे के अनुरूप योगी सरकार ने उनके लिए अनुपूरक बजट में धन की व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अतिमहत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (ग्रामीण) के लिए योगी सरकार ने अनुपूरक बजट में 1558 करोड़ से अधिक की व्यवस्था की है। 1538.28 करोड़ की व्यवस्था योजना के तहत मकान बनाने के लिए की गई है, जबकि 19 करोड़ रुपये का प्रावधान विभिन्न वित्तीय संस्थाओं से लिए गए ऋण के भुगतान के लिए किया गया है।
केंद्र सरकार ने देश के सभी बेघर लोगों को वर्ष 2022 तक मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। प्रदेश सरकार के तर पर भी इस लक्ष्य को पूरा करने की भरपूर कोशिश की जा रही है। अनुपूरक बजट में धन की व्यवस्था हो जाने से अब ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेघर लोगों के लिए योजना के तहत मकान बनाने के काम को गति मिल सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण को 1745 करोड़
स्वच्छता अभियान में यूपी को अव्वल बनाने के प्रयास के तहत योगी सरकार ने घर-घर शौचालय बनाने को लेकर गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए अनुपूरक बजट में 1745 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में अंत्येष्टि स्थलों के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
केंद्र सरकार ने देश के ग्रामीण व शहरी इलाकों को ‘खुले में शौचमुक्त’ (ओडीएफ) घोषित करने के लिए 2 अक्तूबर 2019 तक की समय सीमा तय कर दी है। वहीं, योगी सरकार ने यूपी में यह लक्ष्य इससे एक साल पहले 2 अक्तूबर 2018 तक ही प्राप्त करने की घोषणा की है। शहरी क्षेत्रों में तो शौचालय निर्माण की गति ठीक है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में शौचालय निर्माण की रफ्तार तेज करने के लिए धन की जरूरत थी। इसे देखते हुए 1745 करोड़ रुपये दिए गए हैं।