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PM-VBRY: पीएम मोदी कल वितरित करेंगे 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि, 15 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 18 Jun 2026 04:36 AM IST
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PM-VBRY: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम-वीबीआरवाई योजना के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे, जिसका मकसद नई नौकरियां पैदा करना और रोजगार को प्रोत्साहन देना है। इस योजना से अब तक लगभग 15 लाख रोजगार अवसर तैयार हुए हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे।
केंद्र सरकार की इस खास योजना का मकसद देश में नए रोजगार पैदा करना, नौकरियों को औपचारिक रूप देना और युवाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य हर क्षेत्र के श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है। योजना के जरिये अब तक देशभर में 15 लाख नए रोजगार के मौके तैयार किए जा चुके हैं। पीएम-वीबीआरवाई को इस तरह बनाया गया है कि यह श्रमिकों और नियोक्ताओं (कंपनियों) दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करे।
पहली नौकरी पर मिलेंगे 15,000
योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उन्हें अपने कॅरियर की शुरुआत में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।
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ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव आज: महायुति गठबंधन का 12 सीटों पर दबदबा बनाने का प्रयास, पांच पर निर्विरोध जीते
वहीं, जो कंपनियां अपने यहां अतिरिक्त रोजगार पैदा करती हैं, उन्हें हर नए कर्मचारी पर प्रति माह 3,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि निरंतर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले। विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियां चार साल तक , जबकि अन्य सभी क्षेत्रों की कंपनियां दो साल तक इसका लाभ उठा सकती हैं।
दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम को पीएम नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे और डिजिटल माध्यम से राशि वितरित करेंगे। इसके बाद देशभर के कार्यालय ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे और अपने अधीन जिलों के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र देंगे। ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आईजीपी में होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1200 कर्मचारियों और 300 कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। अन्य सभी कर्मचारियों को उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। लखनऊ परिक्षेत्र के छह जिलों से योजना के तहत 4800 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है। 60 हजार नए कर्मचारी जोडे़ गए हैं और 1.3 लाख कर्मी दोबारा सेवा में आए हैं।
केंद्र सरकार की इस खास योजना का मकसद देश में नए रोजगार पैदा करना, नौकरियों को औपचारिक रूप देना और युवाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य हर क्षेत्र के श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है। योजना के जरिये अब तक देशभर में 15 लाख नए रोजगार के मौके तैयार किए जा चुके हैं। पीएम-वीबीआरवाई को इस तरह बनाया गया है कि यह श्रमिकों और नियोक्ताओं (कंपनियों) दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करे।
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पहली नौकरी पर मिलेंगे 15,000
योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उन्हें अपने कॅरियर की शुरुआत में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।
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वहीं, जो कंपनियां अपने यहां अतिरिक्त रोजगार पैदा करती हैं, उन्हें हर नए कर्मचारी पर प्रति माह 3,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि निरंतर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले। विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियां चार साल तक , जबकि अन्य सभी क्षेत्रों की कंपनियां दो साल तक इसका लाभ उठा सकती हैं।
दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम को पीएम नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे और डिजिटल माध्यम से राशि वितरित करेंगे। इसके बाद देशभर के कार्यालय ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे और अपने अधीन जिलों के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र देंगे। ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आईजीपी में होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1200 कर्मचारियों और 300 कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। अन्य सभी कर्मचारियों को उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। लखनऊ परिक्षेत्र के छह जिलों से योजना के तहत 4800 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है। 60 हजार नए कर्मचारी जोडे़ गए हैं और 1.3 लाख कर्मी दोबारा सेवा में आए हैं।