सेना की नेगेव गन पर इस्राइल की हाई-टेक आंख: 800 मीटर दूर तक सटीक निशाना, भारत में होगा लेंसों का निर्माण
भारतीय सेना अपनी युद्धक क्षमता को मजबूत करने के लिए नेगेव लाइट मशीन गन में अत्याधुनिक मेपरो-एक्स 6 टेलीस्कोपिक लेंस शामिल करने जा रही है। इस्राइली कंपनी मेपरोलाइट द्वारा विकसित यह लेंस 800 मीटर तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम है और सैनिकों की लक्ष्य पहचान क्षमता को छह गुना तक बढ़ा देता है। इसकी खासियत यह है कि यह बर्फीले पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर गर्म रेगिस्तानी इलाकों तक प्रभावी ढंग से काम कर सकता है।
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इस अत्याधुनिक लेंस की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इससे 800 मीटर की दूरी तक सटीक निशाना लगाया जा सकता है। खास बात यह है कि मेक इन इंडिया के तहत अब इन लेंसों का निर्माण पूरी तरह भारत में ही होगा। इस सौदे को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. को सौंपी गई है। बीईएल ने इस परियोजना के लिए घरेलू निजी कंपनी आरआरपी डिफेंस को अपना साझेदार बनाया है। यह कंपनी इस्राइली तकनीक के हस्तांतरण के जरिये इन लेंसों का निर्माण कर बीईएल को उपलब्ध कराएगी।
छह गुना तक है क्षमता
मेपरो-एक्स 6 लेंस किसी सैनिक की आंखों की क्षमता को छह गुना तक बढ़ा देता है, जिससे दूर खड़ा दुश्मन भी बिल्कुल पास नजर आता है। यह लेंस सियाचिन की बर्फीली ठंड से लेकर रेगिस्तान की भीषण गर्मी तक हर चुनौतीपूर्ण वातावरण में सटीक प्रदर्शन करने में सक्षम है।
भारत में ही हो रहा नेवेग गन का निर्माण
गौरतलब है कि सेना अपने बेड़े में 7.62×51 मिमी कैलिबर की नेगेव लाइट मशीनगनों को तेजी से शामिल कर रही है। 2024 में 41,000 नेगेव मशीनगनों का अनुबंध हुआ था, जिनमें से आपूर्ति का चरण जारी है। इनका उत्पादन भी भारत में ही हो रहा है।
नेगेव गन: भारतीय सेना का भरोसेमंद स्वचालित हथियार
नेगेव गन भारतीय सेना द्वारा उपयोग की जाने वाली एक आधुनिक लाइट मशीन गन (एलएमजी) है, जिसे मुख्य रूप से पैदल सेना को प्रभावी फायर सपोर्ट प्रदान करने के लिए अपनाया गया है। मूल रूप से इस्राइल में विकसित यह हथियार अपनी विश्वसनीयता, सटीकता और कठिन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। भारतीय सेना ने सीमावर्ती और आतंकवाद-रोधी अभियानों में इसकी उपयोगिता को देखते हुए इसे अपने शस्त्रागार में शामिल किया है।
यह गन अपेक्षाकृत हल्की होने के कारण सैनिकों के लिए लंबे समय तक ले जाना और संचालन करना आसान बनाती है। इसकी स्वचालित फायरिंग क्षमता कम समय में बड़ी संख्या में गोलियां दागने में सक्षम है, जिससे युद्धक्षेत्र में दुश्मन पर दबाव बनाया जा सकता है। नेगेव का डिजाइन ऐसा है कि यह रेगिस्तानी, पहाड़ी और अत्यधिक धूलभरे क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकती है।