सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   From Indo Pacific to Pacific Command US renames new diplomacy to engage Beijing effort to signal closer ties

बीजिंग को साधने के लिए अमेरिका की नई कूटनीति, सबसे पुरानी सैन्य कमान का नाम बदलकर करीबी दिखाने की कोशिश

आशुतोष भाटिया Published by: Devesh Tripathi Updated Thu, 18 Jun 2026 06:25 AM IST
विज्ञापन
सार
LinksIndexing - Best SEO Indexing Tool

अमेरिका द्वारा अपनी इंडो-पैसिफिक कमान के नाम से “इंडो” शब्द हटाने के फैसले ने रणनीतिक और कूटनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को इस कदम को भावनात्मक नजरिए से नहीं, बल्कि व्यावहारिक भू-राजनीतिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। माना जा रहा है कि यह बदलाव चीन के साथ तनाव कम करने और संबंधों में संतुलन बनाने की अमेरिकी कोशिश का हिस्सा हो सकता है।

From Indo Pacific to Pacific Command US renames new diplomacy to engage Beijing effort to signal closer ties
यूएस पैसिफिक कमांड - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
विज्ञापन

विस्तार

अपनी सबसे पुरानी सैन्य कमान इंडो पैसिफिक कमान के नाम से इंडो शब्द हटाने के अमेरिकी फैसले ने भूराजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। जानकारों की राय में भारत को नाराज होने की बजाय इसको एक ठंडे यथार्थवाद के साथ देखने की जरूरत है। इंडो शब्द हटाना चीन के साथ तनाव कम करने की एक कूटनीतिक कोशिश माना जा सकता है।


बीजिंग हमेशा से इंडो-पैसिफिक शब्दावली का विरोध करता रहा है, क्योंकि उसे लगता है कि यह शब्द उसे घेरने के लिए भारत व अमेरिका की जुगलबंदी दर्शाता है। अमेरिका का यह कदम दिखाता है कि वह चीन को पूरी तरह से दुश्मन बनाने के बजाय उसके साथ आर्थिक और रणनीतिक संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश का मानना है कि यह अमेरिका का चीन की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने का संकेत हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत की रणनीतिक स्वायत्तता
भारत ने हमेशा बहु-ध्रुवीय विश्व का समर्थन किया है और अमेरिका के नेतृत्व वाले किसी भी औपचारिक सैन्य गठबंधन का हिस्सा बनने से इनकार किया है। भारत यूक्रेन संकट के बावजूद रूस के साथ अपने संबंधों को बनाए रखने और ईरान के साथ रणनीतिक हितों को सुरक्षित रखने पर कायम रहा। नाम में बदलाव भारत को यह जताने का एक तरीका हो सकता है कि यदि आप हमारे पूरी तरह साथ नहीं हैं, तो हम भी अपनी प्राथमिकताएं बदल सकते हैं।
विज्ञापन


चीन की बढ़ती ताकत से ट्रंप सतर्क
चीन की बढ़ती ताकत देखते हुए अमेरिका को शायद यह अहसास हुआ है कि टकराव के बजाय साझा समझ दिखाना ज्यादा फायदेमंद है। इस पूरी प्रक्रिया में भारत थोड़ा दरकिनार होता दिख रहा है। नक्शे और नाम में बदलाव कभी गलती से नहीं होते, यह एक सोचा-समझा संदेश है कि अमेरिका के लिए भारत की जरूरत अब थोड़ी कम और चीन की अहमियत बढ़ गई है।

भारत का दबाव में न आना भी वजह
भूराजनीतिक विश्लेषक कमर आगा कहते हैं कि अमेरिका भारत पर लगातार दबाव डाल रहा था। अमेरिका चाहता था कि भारत स्वतंत्र विदेश नीति वगैरह छोड़े और अमेरिकी छत्रछाया में आ जाए लेकिन भारत ने अपनी स्वतंत्रता बनाए रखी। ये भी नाम में बदलाव की एक वजह हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed