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Kangra News: सोमवती अमावस्या पर किया जलाभिषेक
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इंदौरा क्षेत्र के मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
इंदौरा (कांगड़ा)। सोमवती अमावस्या, आषाढ़ संक्रांति और धर्म ध्याड़ा के अवसर पर सोमवार को इंदौरा क्षेत्र के मंदिरों में काफी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। सुबह से ही लोगों ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की।
वहीं, मोकी स्थित कमल आश्रम में महिलाओं ने पीपल वृक्ष की पूजा-अर्चना करने के बाद पेड़ की परिक्रमा कर धागा बांधा और परिवार के सुख, शांति और दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर पंडित केशव ने बताया कि सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि इस दिन पीपल वृक्ष पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। इसकी पूजा करने से त्रिदेवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पीपल वृक्ष की पूजा का फल अश्वमेध यज्ञ के समान बताया गया है। पंडित केशव ने बताया कि मलमास (अधिक मास) की समाप्ति के साथ ही अब विवाह, गृह प्रवेश सहित अन्य सभी मांगलिक एवं शुभ कार्यों की शुरूआत हो गई है।
संवाद न्यूज एजेंसी
इंदौरा (कांगड़ा)। सोमवती अमावस्या, आषाढ़ संक्रांति और धर्म ध्याड़ा के अवसर पर सोमवार को इंदौरा क्षेत्र के मंदिरों में काफी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। सुबह से ही लोगों ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की।
वहीं, मोकी स्थित कमल आश्रम में महिलाओं ने पीपल वृक्ष की पूजा-अर्चना करने के बाद पेड़ की परिक्रमा कर धागा बांधा और परिवार के सुख, शांति और दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर पंडित केशव ने बताया कि सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि इस दिन पीपल वृक्ष पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। इसकी पूजा करने से त्रिदेवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पीपल वृक्ष की पूजा का फल अश्वमेध यज्ञ के समान बताया गया है। पंडित केशव ने बताया कि मलमास (अधिक मास) की समाप्ति के साथ ही अब विवाह, गृह प्रवेश सहित अन्य सभी मांगलिक एवं शुभ कार्यों की शुरूआत हो गई है।
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