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चैत्र-चौदस मेले का आगाज

अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Sat, 29 Mar 2014 12:11 AM IST
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Kurukshetra, Festival, pehowa
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हिंदू-सिख एकता के प्रतीक चैत्र-चौदस मेले का शुक्रवार को मेला प्रशासक एवं एसडीएम धर्मबीर ने उद्घाटन किया। सरस्वती तीर्थ पर एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों ने की पूजा-अर्चना की।
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30 मार्च तक चलने वाले मेले में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला तेज हो गया है। धर्मवीर सिंह ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध चैत्र चौदस मेला विधिवत रूप से भरना शुरू हो गया है।
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देश के  कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।

पंजाब, हिमाचल, दिल्ली सहित देशभर से श्रद्धालुओं को लाने और ले जाने के लिए 100 बसें चलाई गई हैं। सरस्वती तीर्थ के आसपास कड़ी सुरक्षा के साथ-साथ पैनी निगाहें रखी जा रही है। 15 सीसी कैमरे लगाए गए हैं।

कंट्रोल रूम से असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए हुड्डा ग्राउंड में विशेष प्रबंध किए हैं।

30 मार्च को चैत्र चौदस मेला पूरे यौवन पर रहेगा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सेक्टर अधिकारियों को चौकस रहने के निर्देश दिए गए हैं। सफाई पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

सर्कस और झूला आकर्षण का केंद्र
हुडा ग्राउंड में सर्कस ओर झूलों का मजा लेने के लिए बच्चे, महिलाएं और पुरुष पहले दिन सुबह से ही पहुंचने शुरू हो गए। हुडा ग्राउंड में एक दर्जन झूले लगाए गए हैं। इसके अलावा सर्कस का भी इंतजाम किया गया है।

बिछड़ों को मिलाने का काम करेगा सूचना केंद्र
चैत्र चौदस मेले में लाखों की तादाद में पंहुचने वाले श्रद्धालुओं के  भीड़ में खो जाने व फिर छोटे बच्चों के बिछुड़ने पर मिलाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की तरफ से बाल भवन में सूचना प्रसारण केंद्र स्थापित किया है।  

सुरक्षा की कमान संभाली
डीएसपी गोरखपाल राणा ने कहा कि मेले में सुरक्षा एवं व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए शहर के बाहरी और आतंरिक जगहों पर नाकाबंदी ओर बेरिकेटस लगाकर सुरक्षा अधिकारियों ओर पुलिस कर्मचारियों ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है। मेला क्षेत्र के आसपास 5 पुलिस चेक पोस्ट बनाई गई है। 700 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

समाजसेवी संस्थाओं ने लगाए भंडारे
प्रदेश के कई क्षेत्रों से समाजसेवी और धार्मिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं की सेवा करने के लिए भंडारे लगाए हैं। मेला क्षेत्र में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न संगठनों के सेवादार सेवाएं दे रहे हैं ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो सके।

मेले में समूह के रूप में श्रद्धालु पहुंचने लगे
पंजाब, हिमाचल और अन्य राज्यों से श्रद्धालु समूह में पहुंचने लगे हैं। पंजाब से आए श्रद्धालु सुखचैन सिंह ने कहा कि वे पिछले 6 सालों से चैत्र चौदस मेले पर सरस्वती तीर्थ के पवित्र जल में स्नान करने के साथ-साथ पितरों का तर्पण करने के लिए आ रहे हैं।

तेल, सूत और दीपक बेचने वाले पहुंचे
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सरस्वती तीर्थ पर विशेष रूप से सूत का धागा, दीपक और सरसों का तेल बेचने वाले भारी संख्या में पहुंच चुके हैं। सूत का प्रयोग प्रेत पीपल पर बांधने में किया जाता है। सरसों के तेल से श्रद्धालु सरस्वती तट पर दीपदान करते हैं। इसके अलावा स्वामी कार्तिकेय मंदिर में भी तेल चढ़ाया जाता है।

सजने लगी हैं मिठाई की दुकानें
चैत्र चौदस मेले में श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते आसपास के क्षेत्र में मिठाई की दुकानें सजनी शुरू हो गई है। दुकानदारों ने श्रद्धालुओं के स्वाद को देखते विशेष प्रकार की मिठाई परोसने का मन बनाया है।
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