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Gorakhpur News: मां ने सुझाया तो सलवार-सूट पहनकर करने लगे चोरी, गैंग के तीन गुर्गे गिरफ्तार
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गोरखपुर। सलवार-सूट और चुनरी पहनकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सोमवार को गिरोह के दो गुर्गाें रियासत उर्फ इमरान और राशिद खान उर्फ पिद्दी को कोतवाली इलाके से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले गिरोह के सरगना अरबाज खान को रविवार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, सलवार-सूट और चुनरी पहनकर चोरी का यह तरीका सरगना को उसकी मां ने सुझाया था।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि शाहपुर थाना क्षेत्र के मोहनापुर निवासी अरबाज खान गिरोह का सरगना है। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी मां ने सलाह दी थी कि लड़कियों का सलवार-सूट और चुनरी पहनकर चोरी की जाए तो लोगों को शक नहीं होगा और पकड़े जाने की संभावना भी कम रहेगी। इसके बाद अरबाज ने राजघाट के तुर्कमानपुर निवासी रियासत उर्फ इमरान और तिवारीपुर की जफर कॉलोनी निवासी राशिद खान उर्फ पिद्दी के साथ मिलकर गिरोह बना लिया।
पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदातों के दौरान अरबाज अपनी बहन का सलवार-सूट और चुनरी पहनता था। उसने बाल भी लंबे कर रखे थे, जो चेहरे पर बिखरे रहते थे। चुनरी से चेहरा ढक लेने पर वह युवती जैसा दिखाई देता था। पुलिस अब इस मामले में अरबाज की मां की भूमिका की भी जांच कर रही है। उसे भी मामले में नामजद करने की तैयारी है।
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कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के कब्जे से 22 हजार रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और चांदी के नौ सिक्के बरामद किए हैं। इससे पहले सरगना अरबाज खान के पास से 27 हजार रुपये नकद बरामद किए गए थे।
ई-रिक्शा से पहुंचते थे वारदात वाले स्थल
जांच में पता चला कि राशिद खान ई-रिक्शा से आरोपियों को चोरी वाले स्थान तक पहुंचाता था। वह चोरी का सामान खपाने में मदद करता था। वहीं अरबाज और रियासत मिलकर दुकानों में सेंध लगाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों ने पूछताछ में अब तक 17 मोबाइल फोन चोरी की बात कबूल की है। उसने पुलिस को बताया कि इनमें से 12 मोबाइल फेरीवालों को बेच दिए थे।
इन वारदातों का हुआ पर्दाफाश
पुलिस के मुताबिक, 11 जून की रात आरोपियों ने जुबिली कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स स्थित स्पेयर इंडिया नामक दुकान का शटर तोड़कर चोरी की थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिसमें सलवार-सूट पहने एक व्यक्ति चोरी करता नजर आया। इसी आधार पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसके अलावा 13 जून की रात खूनीपुर स्थित बिस्किट-टॉफी की दुकान में चोरी की गई थी। उसी रात आरोपियों ने एक अन्य दुकान का प्लाई तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कैश काउंटर में रखे नकदी व चांदी के सिक्के पार कर दिए थे। इन मामलों की जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची और गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि शाहपुर थाना क्षेत्र के मोहनापुर निवासी अरबाज खान गिरोह का सरगना है। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी मां ने सलाह दी थी कि लड़कियों का सलवार-सूट और चुनरी पहनकर चोरी की जाए तो लोगों को शक नहीं होगा और पकड़े जाने की संभावना भी कम रहेगी। इसके बाद अरबाज ने राजघाट के तुर्कमानपुर निवासी रियासत उर्फ इमरान और तिवारीपुर की जफर कॉलोनी निवासी राशिद खान उर्फ पिद्दी के साथ मिलकर गिरोह बना लिया।
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पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदातों के दौरान अरबाज अपनी बहन का सलवार-सूट और चुनरी पहनता था। उसने बाल भी लंबे कर रखे थे, जो चेहरे पर बिखरे रहते थे। चुनरी से चेहरा ढक लेने पर वह युवती जैसा दिखाई देता था। पुलिस अब इस मामले में अरबाज की मां की भूमिका की भी जांच कर रही है। उसे भी मामले में नामजद करने की तैयारी है।
कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के कब्जे से 22 हजार रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और चांदी के नौ सिक्के बरामद किए हैं। इससे पहले सरगना अरबाज खान के पास से 27 हजार रुपये नकद बरामद किए गए थे।
ई-रिक्शा से पहुंचते थे वारदात वाले स्थल
जांच में पता चला कि राशिद खान ई-रिक्शा से आरोपियों को चोरी वाले स्थान तक पहुंचाता था। वह चोरी का सामान खपाने में मदद करता था। वहीं अरबाज और रियासत मिलकर दुकानों में सेंध लगाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों ने पूछताछ में अब तक 17 मोबाइल फोन चोरी की बात कबूल की है। उसने पुलिस को बताया कि इनमें से 12 मोबाइल फेरीवालों को बेच दिए थे।
इन वारदातों का हुआ पर्दाफाश
पुलिस के मुताबिक, 11 जून की रात आरोपियों ने जुबिली कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स स्थित स्पेयर इंडिया नामक दुकान का शटर तोड़कर चोरी की थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिसमें सलवार-सूट पहने एक व्यक्ति चोरी करता नजर आया। इसी आधार पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसके अलावा 13 जून की रात खूनीपुर स्थित बिस्किट-टॉफी की दुकान में चोरी की गई थी। उसी रात आरोपियों ने एक अन्य दुकान का प्लाई तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कैश काउंटर में रखे नकदी व चांदी के सिक्के पार कर दिए थे। इन मामलों की जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची और गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।