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QS Ranking: आईआईटी दिल्ली क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग्स 2027 में फिर अव्वल, भारतीय संस्थानों की संख्या बढ़कर 52 हुई

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Shahin Praveen Updated Thu, 18 Jun 2026 10:25 AM IST
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सार
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QS Ranking 2027: क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में आईआईटी दिल्ली ने देश की शीर्ष रैंक वाली यूनिवर्सिटी का स्थान बरकरार रखा है। वहीं, इस वर्ष भारत की वैश्विक उपस्थिति और मजबूत हुई है, क्योंकि रैंकिंग में शामिल भारतीय संस्थानों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है।

IIT Delhi Leads Indian Universities in QS Rankings 2027 as India's Representation Expands to 52 Institutions
QS Ranking 2027 - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार

QS Ranking: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थान के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखी है। आईआईटी दिल्ली को इस बार वैश्विक स्तर पर 118वां स्थान मिला है, जो किसी भी भारतीय संस्थान द्वारा हासिल की गई संयुक्त रूप से सबसे अच्छी रैंकिंग में शामिल है। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारतीय संस्थान अब दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।



वहीं, भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था की वैश्विक पहचान भी लगातार बढ़ रही है। क्यूएस रैंकिंग्स 2027 में इस बार 52 भारतीय विश्वविद्यालयों को जगह मिली है, जिससे भारत दुनिया का पांचवां सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश बन गया है। वर्ष 2017 में जहां केवल 14 भारतीय संस्थान इस रैंकिंग में शामिल थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 52 हो गई है। यह वृद्धि जी20 देशों में सबसे तेज मानी जा रही है।

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QS Ranking 2027 में 26 भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में सुधार

रैंकिंग के अनुसार, 26 भारतीय विश्वविद्यालयों ने अपनी स्थिति में सुधार किया, नौ ने अपनी रैंकिंग बरकरार रखी, 15 की रैंकिंग में गिरावट आई, जबकि दो संस्थान पहली बार रैंकिंग में शामिल हुए। भारत के पूर्व में रैंकिंग में शामिल आधे से अधिक विश्वविद्यालयों ने इस वर्ष अपने प्रदर्शन में सुधार किया है।

प्रदर्शन का स्वागत करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परिणाम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू किए गए सुधारों के प्रभाव को दर्शाते हैं।

प्रधान ने कहा, "नवीनतम वैश्विक विश्वविद्यालय रैंकिंग में भारत का सशक्त प्रदर्शन एनईपी 2020 के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाता है। अब 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 52 विश्वविद्यालय रैंकिंग में शामिल हैं और आधे से अधिक विश्वविद्यालयों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है। आईआईटी दिल्ली जैसे संस्थानों की रिकॉर्ड-उच्च रैंकिंग के साथ, भारत अनुसंधान, नवाचार और अपने युवाओं की प्रतिभा के बल पर एक अग्रणी वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में उभर रहा है।"

IIT के साथ अन्य भारतीय विश्वविद्यालयों ने भी रचा इतिहास

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है। उनके अनुसार, सरकारी और निजी दोनों तरह के संस्थानों में सुधार देखने को मिल रहा है, जिससे भारत एक वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह बदलाव देश में शिक्षा की गुणवत्ता, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों का परिणाम है।

QS World University Rankings 2027 में IIT Bombay को 134वां, IIT Madras को 170वां, IIT Kharagpur को 205वां और IIT Kanpur को 221वां स्थान मिला। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की रैंकिंग सुधरकर 322वें स्थान पर पहुंच गई, जबकि जामिया मिलिया इस्लामिया को 686वां स्थान मिला।

रैंकिंग से यह भी पता चलता है कि भारत की सफलता अब सिर्फ IIT संस्थानों तक सीमित नहीं है। जामिया मिलिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) समेत 18 भारतीय संस्थानों ने अपनी अब तक की सबसे अच्छी रैंकिंग हासिल की है। इनमें से अधिकांश गैर-IIT संस्थान हैं।

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विदेशी छात्रों को आकर्षित करना अब भी चुनौती

भारत के विश्वविद्यालयों ने रिसर्च और रोजगार क्षमता के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। प्रति संकाय उद्धरण (Citations per Faculty) के मामले में 11 भारतीय विश्वविद्यालय दुनिया के शीर्ष 100 संस्थानों में शामिल हो गए हैं, जबकि नियोक्ता प्रतिष्ठा (Employer Reputation) के आधार पर 6 भारतीय संस्थानों ने वैश्विक टॉप-100 में जगह बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा शोध उत्पादन (Research Output) वाला देश बन चुका है।

रैंकिंग में कई भारतीय संस्थानों ने बड़ी छलांग लगाई है। VIT ने 94 स्थानों की बढ़त के साथ 597वीं रैंक हासिल की, BITS Pilani 93 स्थान ऊपर चढ़कर 575वें स्थान पर पहुंच गया, जबकि Jamia Millia Islamia ने भी 75 से अधिक स्थानों का सुधार दर्ज किया। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शोध और रोजगार क्षमता में प्रगति के बावजूद भारतीय विश्वविद्यालयों को अभी भी अंतरराष्ट्रीय छात्रों और शिक्षकों को आकर्षित करने की दिशा में और काम करने की जरूरत है।

भारत के विश्वविद्यालयों की बढ़ रही पहचान

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय विश्वविद्यालयों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उन्हें दुनिया भर के छात्रों और शिक्षकों को आकर्षित करने के लिए अभी और काम करना होगा। साथ ही, वैश्विक स्तर पर अपनी शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाने की भी जरूरत है।

QS की सीईओ जेसिका टर्नर ने कहा कि भारत के विश्वविद्यालय देश के भविष्य को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उनके अनुसार, ये संस्थान केवल पढ़ाई ही नहीं करा रहे हैं, बल्कि नए विचारों, शोध और तकनीक को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था और विकास को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, रिसर्च और नवाचार में भारत का बढ़ता निवेश अब दुनिया की रैंकिंग में भी नजर आने लगा है। क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027 में 106 देशों के 1,500 से ज्यादा विश्वविद्यालयों का आकलन किया गया, जिसमें भारतीय संस्थानों ने भी मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया।

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