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पहले भी बेल लेने से मना कर चुके हैं केजरीवाल

Updated Thu, 22 May 2014 12:47 PM IST
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Earlier in 4 cases kejriwal was set free on undertaking
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अदालत ने भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी की मानहानि के मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानती मुचलका न भरने पर बुधवार को जेल भेज दिया।

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ये पहली बार नहीं है जब केजरीवाल ने बेल की बॉन्ड राशि भरने से इंकार कर दिया था। इससे पहले भी केजरीवाल ने चार मामलों में मुचलका भरने से इनकार किया था।

अरविंद के इंकार पर अदालत ने उन्हें हर पेशी पर उपस्थित रहने की शर्त पर अंडरटेकिंग के आधार पर रिहा कर दिया था। पर इसबार जो हुआ वो पहले कभी नहीं हुआ और इस बार उन्हें जेल की हवा खानी ही पड़ी।
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दंगों समेत कई मामलों में लगा था आरोप

Earlier in 4 cases kejriwal was set free on undertaking

इस बार से पहले 5 फरवरी 2013 को पुलिस ने कोयला घोटाले पर प्रदर्शन के दौरान दंगा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि मामले में अभियुक्त बनाए गए ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित 28 के खिलाफ तीन आरोप पत्र दाखिल किए थे।

इसमें केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास, शिवनंदन, इंद्रदेव मंडल, अनिल कुमार राय, विरेंद्र गौड़, देवराज पाल, धनश्याम, महेश, दीपक छावड़ा, रणजीत सिंह विष्ट, अनिल कुमार सिंह, गौतम कुमार, बनवारी लाल शर्मा, दलबीर सिंह, मुकेश कुमार, मोहन सिंह, बलवीर सिंह, जगमोहन गुप्ता, आनंद कसाना, हरीश सिंह रावत व आनंद विष्ट आदि को आरोपी बनाया गया था।

अदालत ने इन सभी को जमानत करवाने का निर्देश दिया, लेकिन उन्होंने जमानत करवाने से इनकार कर दिया था, तब अदालत ने उन्हें अंडरटे‌किंग पर छोड़ ‌दिया गया था।

शीला दीक्षित ने भी किया था मानहानि का केस

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2013 के समय केजरीवाल ने अदालत के समक्ष माना कि उन्होंने धारा 144 का उल्लंघन किया था और उनका सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री व भाजपा नेता नितिन गडकरी के आवास पर जाने के दौरान प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। उन्होंने कहा हम जमानत नहीं लेंगे, जेल जाने को तैयार हैं।

अदालत ने सभी को व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा करने को कहा, मगर सभी ने जमानत कराने से इनकार कर दिया था। आखिर सभी ने अदालत को लिखित में दे दिया कि वे हर सुनवाई में उपस्थित रहेंगे। इसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया था। इसी तरह शीला दीक्षित के राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

उन्होंने आरोप लगाया था कि केजरीवाल ने बिजली कंपनियों से मिलीभगत का आरोप लगाकर शीला की मानहानि की है। इस पर अदालत ने केजरीवाल के खिलाफ समन जारी किया। केजरीवाल ने इस मुकदमे में भी जमानत लेने से इनकार कर दिया था। अदालत ने इस मामले में भी केजरीवाल को मात्र अंडरटेकिंग के आधार पर रिहा कर दिया था।

अब गेंद अदालत के पाले में

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अदालत ने केजरीवाल को 23 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा है। उस दिन उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

यह अदालत पर निर्भर है कि वह केजरीवाल को अंडरटेकिंग पर रिहा करती है या फिर जमानत लेने के लिए कहती है।

अगर अदालत ने अंडरटेकिंग पर नहीं छोड़ा तो तय है कि केजरीवाल को जमानत लेनी होगी। केजरीवाल के फिर जमानत लेने से मना करने पर तय है कि अदालत उनकी न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ा दे।

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