बेटे पर तेजाब डालने की दी थी धमकी, व्यापारी को मारी गोली
जारचा कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर गांव में रंगदारी न देने पर सोमवार रात को बाइक सवार दो बदमाशों ने किराना व्यापारी को गोली मार दी। व्यापारी को गंभीर हालत में गाजियाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। एक साल पहले बेटे पर तेजाब डालने की धमकी देते हुए व्यापारी से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
वारदात के विरोध में मंगलवार को नाराज ग्रामीणों ने बाजार बंद रखा। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि जारचा थानाक्षेत्र के गांव रसूलपुर में विनोद गोयल किराना व्यापारी है। सोमवार रात करीब नौ बजे वे अपनी दुकान के बाहर बैठे थे, तभी बाइक सवार दो बदमाश रास्ता पूछने के बहाने उनके पास जाकर रुके।
बातचीत के बहाने हमलावरों ने व्यापारी को निशाना बनाकर गोलियां चला दीं। इसमें एक गोली व्यापारी की छाती के नजदीक लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार व आसपास के लोग मौके पर दौड़े।
लोगों को आता देख हमलावर फरार हो गए
लोगों को आता देख हमलावर फरार हो गए। व्यापारी को परिजनों ने गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रात में वाहनों की चेकिंग की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा। ग्रामीणों ने बताया कि व्यापारी की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
इस बारे में पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह का कहना है कि पीड़ित के बेटे दीपक ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ जारचा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस की दो टीम बनाकर जांच की जा रही है। वारदात की खबर मिलने पर मंगलवार सवेरे व्यापारी एकत्र हो गए।
घटना के विरोध में सभी ने अपनी दुकानें बंद रखीं। दुकानदारों का कहना है कि क्षेत्र में रंगदारी का अपराध बढ़ता जा रहा है। दादरी क्षेत्र में व्यापारियों में असुरक्षा की भावना है। लोग डरे हुए हैं और पिछले कई सालों के दौरान कई व्यापारियों की हत्या हो चुकी है और कई परिवार पलायन कर चुके हैं।
कारतूस व तेेजाब भेज मांगी थी रंगदारी
पिछले साल 30 जून, 2015 को व्यापारी विनोद गोयल की दुकान पर कारतूस और तेजाब की बोतल के साथ चिट्ठी भेजकर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
रंगदारी न देने पर जान से मारने और बेटी व परिवार के अन्य सदस्यों को तेजाब से जलाने की धमकी दी थी। इसकी रिपोर्ट जारचा कोतवाली में दर्ज कराई थी।
मांग पूरी न होने पर 24 जुलाई 2015 को व्यापारी के घर पर फायरिंग की गई थी। इसकी शिकायत दी गई लेकिन न रिपोर्ट दर्ज हुई न बदमाशों का पुलिस सुराग लगा पाई।