देखते ही देखते बुझ गए एक घर के 3 चिराग
पंजाब के फिरोजपुर में गांव करियां पहलवान में चार कनाल नौ मरले पंचायती जमीन का विवाद चाचा-ताया के बच्चों के बीच लंबे समय से चल रहा था। बच्चों के बीच जमीन को लेकर एक-दूसरे के प्रति इतनी नफरत पैदा हो गई थी कि शुक्रवार को चचेरे भाइयों ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर तीन भाइयों को मौत के घाट उतार दिया।
घर के तीन चिराग बूझने से पूरे गांव में दहशत का माहौल पैदा हो गया और गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। हादसे में एक जख्मी हो गया। उसे सिविल अस्पताल में भरती करवाया गया है। आरोपी घटना को अंजाम देकर वहां से फरार हो गए। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पुलिस पहुंच गई।
महिंदर कौर पत्नी दर्शन सिंह, परमिंदर कौर पत्नी गुरमीत सिंह ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे रोटी लेकर खेतों में गई थीं। वहां पर गांव का सरपंच कारज सिंह और करनैल सिंह, गुरमीत सिंह व कुलबीर सिंह पुत्र करतार सिंह पंचायत को विवादित जमीन चार कनाल नौ मरले दिखा रहे थे।
आदेश मानने को तैयार नहीं था दूसरा गुट
परमिंदर कौर के अनुसार जमीन दिखाने के दौरान मोटरसाइकिल पर ग्यारह व्यक्ति बंदूक व तेजधार हथियारों से लैस होकर आए और अंधाधुंध गोलियां दागना शुरू कर दिया। गुरमीत सिंह की गर्दन और कुलबीर सिंह के सीने पर गोली लगी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
करनैल सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गया और उसकी सिविल अस्पताल में आकर मौत हो गई। दर्शन सिंह के हाथ पर गोली लगी और गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे सिविल अस्पताल में भरती करवाया। महिंदर कौर व परमिंदर कौर ने कहा कि उन्होंने हमलावरों की पहचान कर ली है।
सरपंच कारज सिंह ने बताया कि पंचायत की चार कनाल नौ मरले जमीन थी जिसे लेकर दोनों गुटों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। कई बार पंचायत में इनका समझौता करवाया, लेकिन आरोपी गुट पंचायत का आदेश मानने को तैयार नहीं था।