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Bihar: गंगा में डूब रहे युवक को नाविकों ने बचाया, पीएचसी के बाहर तड़पता रहा मरीज; लगे लापरवाही के आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 07:54 AM IST
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राजेंद्र सेतु के नीचे गंगा में डूब रहे अज्ञात युवक को स्थानीय नाविकों ने बचाया, लेकिन मरांची PHC पहुंचने के बाद भी वह करीब एक घंटे तक बस में तड़पता रहा। स्थानीय लोगों ने अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। युवक की हालत गंभीर है।
गंगा में डूब रहे व्यक्ति को बचाया
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बाढ़ अनुमंडल के हाथीदह थाना क्षेत्र में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। राजेंद्र सेतु के नीचे गंगा नदी में डूब रहे एक अज्ञात व्यक्ति को स्थानीय नाविकों ने बहादुरी दिखाते हुए बचा लिया। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए मरांची प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भेजा गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी करीब एक घंटे तक मरीज बस के अंदर ही जिंदगी और मौत से जूझता रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, व्यक्ति गंगा में स्नान करने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। रेलवे पुल निर्माण कार्य में लगे कर्मियों ने उसे डूबता देख शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद स्थानीय नाविक तुरंत नदी में कूद पड़े और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
अस्पताल में दिखी अव्यवस्था
इसके बाद घायल व्यक्ति को आनन-फानन में एक निजी बस से मरांची स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद मरीज को तुरंत अंदर भर्ती नहीं किया गया। गंभीर हालत में वह करीब एक घंटे तक बस में ही पड़ा रहा। इस दौरान न तो गार्ड और न ही अस्पताल कर्मियों ने उसे स्ट्रेचर या अन्य सहायता उपलब्ध कराई।
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स्थानीय लोगों में फैला आक्रोश
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि अस्पताल कर्मी मरीज को खुद बस से उतारकर अंदर लाने की बात कह रहे थे और सहयोग करने के बजाय धमकी भरे अंदाज में बात कर रहे थे। विरोध बढ़ने के बाद आखिरकार मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
ये भी पढ़ें- Bihar : बिहार पुलिस के छह सीनियर आईपीएस अधिकारी केंद्र में संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी, IG रैंक के लिए हुए चयनित
युवक की हालत बनी नाजुक
हाथीदह थाना पुलिस ने बताया कि युवक की हालत नाजुक बनी हुई है और वह फिलहाल कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं है। उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस को उसके पास से एक झोला मिला है, लेकिन उसमें कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, व्यक्ति गंगा में स्नान करने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। रेलवे पुल निर्माण कार्य में लगे कर्मियों ने उसे डूबता देख शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद स्थानीय नाविक तुरंत नदी में कूद पड़े और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
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अस्पताल में दिखी अव्यवस्था
इसके बाद घायल व्यक्ति को आनन-फानन में एक निजी बस से मरांची स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद मरीज को तुरंत अंदर भर्ती नहीं किया गया। गंभीर हालत में वह करीब एक घंटे तक बस में ही पड़ा रहा। इस दौरान न तो गार्ड और न ही अस्पताल कर्मियों ने उसे स्ट्रेचर या अन्य सहायता उपलब्ध कराई।
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हाथीदह थाना पुलिस ने बताया कि युवक की हालत नाजुक बनी हुई है और वह फिलहाल कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं है। उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस को उसके पास से एक झोला मिला है, लेकिन उसमें कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिला।