बीजेपी में बढ़ी कलह, एक और वरिष्ठ नेता हुए बागी
लोकसभा टिकट न मिलने से दुखी बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता लालमुनि चौबे पार्टी छोड़ने का विचार बना चुके हैं। बिहार से चार बार सांसद रह चुके लालमुनि चौबे बक्सर से निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं।
लालमुनि चौबे ने कहा कि वे चुनाव लड़ने से जुड़े अपने निर्णय को जल्द ही घोषित करेंगे। उन्होंने कहा कि वे इस बात से बेहद आहत हैं कि शीर्ष नेताओं को पार्टी इस तरह से दरकिनार कर रही है।
अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी 'जीते जी मरे' जैसा व्यवहार किया जा रहा है। आडवाणी और जसवंत सिंह को भी किनारे कर दिया गया है।
आडवाणी से गलत व्यवहार से निराश्ा
लालमुनि चौबे ने कहा कि वे इस बात से बेहद आहत हैं कि पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी तक के साथ अन्याय पूर्ण बर्ताव कर रही है।
जब पार्टी के शीर्ष नेताओं से ऐसा व्यवहार होगा तो बाकी लोग क्या उम्मीद करेंगे पार्टी से।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में टिकट के बंटवारे को लेकर कोई नियम-कानून है ही नहीं। टिकट के बंटवारे के लिए किसी तरह की कोई भी कसौटी दिखाई नहीं दे रही है।
पार्टी भूल रही अपनी संस्कृति
लालमुनि चौबे ने पार्टी पर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेताओं को देशभर की किसी भी बड़ी रैली में उस तरह से शामिल नहीं किया गया, जैसे करना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं को दिए जाने वाले सम्मान की संस्कृति को भूलती जा रही है।
लालमुनि चौबे पहली बार बिहार की बक्सर सीट से 1996 में लोकसभा चुनाव लड़े थे। तब से अब तक वे 4 बार इस सीट से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।