पीजीआई की स्ट्रोक यूनिट की ओर से बुधवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मरीजों को स्ट्रोक रिकवरी में मददगार विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा गया। प्रतिभागियों ने कुम्हार के चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाना, क्ले मॉडलिंग और ड्राइंग जैसी क्रिएटिव एक्टिविटीज में हिस्सा लिया, जिससे मोटर कौशल और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम में प्रो. धीरज खुराना ने स्ट्रोक की रोकथाम, समय पर पहचान और पीजीआई में उपलब्ध अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागरूकता और त्वरित इलाज से स्ट्रोक के गंभीर प्रभाव काफी हद तक कम किए जा सकते हैं।