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The Bonus Market Update: बाजार में भारी गिरावट; सेंसेक्स 1065 अंक गिरा, जानें निवेशकों के कितने डूबे

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Tue, 20 Jan 2026 03:30 PM IST
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सार
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Sensex-Nifty Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1065.71 अंक गिरकर 82,180.47 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 353.00 अंक गिरकर 25,232.50 अंक पर बंद हुआ।

Sensex Closing Bell Share Market Closing Sensex Nifty Share Market News and Updates
बाजार में गिरावट - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट की दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1065.71 अंक या 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,180.47 अंक पर बंद हुआ। दिन के दौरान, यह 1,235.6 अंक या 1.48 प्रतिशत गिरकर 82,010.58 पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 353.00 अंक या 1.38 प्रतिशत गिरकर 25,232.50 पर बंद हुआ।

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नौ लाख करोड़ रुपये का नुकसान

बाजार में जारी गिरावट के बीच बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा। दिनभर के कारोबार में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब नौ लाख करोड़ रुपये घट गया। यह गिरावट साल की शुरुआत से जारी कमजोरी को और गहरा करती है। वर्ष की शुरुआत से अब तक बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियां कुल मिलाकर ₹20 लाख करोड़ से अधिक के मार्केट कैप का नुकसान झेल चुकी हैं।

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शेयर बाजार में गिरावट के 10 मुख्य कारण क्या हैं?

शेयर बाजार में आज आई तेज गिरावट के पीछे कई अहम वजहें रहीं, जिनका सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा। इन्हें इस तरह भी समझा जा सकता है,


1. व्यापार युद्ध की बढ़ती चिंता
अमेरिका की टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-यूरोप के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव ने वैश्विक बाजारों में बेचैनी बढ़ा दी।

2. विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एक ही दिन में 3,262 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की। यह लगातार दसवां सत्र रहा जब एफआईआई बाजार से बाहर निकले।

3. तीसरी तिमाही के कमजोर नतीजे
विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के निराशाजनक नतीजों और कमजोर आउटलुक ने आईटी शेयरों पर दबाव बनाया। शुरुआती तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।

4. वैश्विक बाजार से नकारात्मक संकेत
एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में 1% से ज्यादा की गिरावट ने घरेलू निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया।

5. इंडिया VIX में तेजी
बाजार की अस्थिरता दिखाने वाला इंडिया VIX 4% से अधिक चढ़कर 12.34 पर पहुंच गया, जो बढ़ते डर और अनिश्चितता का संकेत है। इंडिया VIX एक मार्केट इंडिकेटर है जो अगले 30 दिनों में निफ्टी 50 इंडेक्स की अपेक्षित अस्थिरता को मापता है। 

6. रुपये पर दबाव
डॉलर की मजबूत मांग और विदेशी पूंजी के बाहर जाने से रुपया 7 पैसे टूटकर 90.97 के स्तर पर आ गया।

7. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी
ब्रेंट क्रूड 0.09% चढ़कर 63.91 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जिससे महंगाई और सरकारी खर्च को लेकर चिंता बढ़ी।

8. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी अनिश्चितता
डोनाल्ड ट्रंप कार्यकाल के टैरिफ से जुड़े संभावित फैसले को लेकर निवेशक सतर्क नजर आए, जिससे बाजार में स्पष्ट दिशा नहीं बन पाई।

9. निफ्टी की साप्ताहिक एक्सपायरी का असर
मंगलवार को वीकली एक्सपायरी के चलते बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

10. पीएसयू बैंक शेयरों में बिकवाली
सरकारी बैंकों के शेयरों पर दबाव रहा और पीएसयू बैंक इंडेक्स 1% से ज्यादा लुढ़क गया, जिसने बाजार की गिरावट को और गहरा किया।
 

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, इटरनल में 4.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, इसके बाद बजाज फाइनेंस (3.88 प्रतिशत), सन फार्मा, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व में गिरावट आई। एचडीएफसी बैंक इस समूह में लाभ कमाने वाला एकमात्र बैंक बनकर उभरा।

टैरिफ को लेकर ट्रंप की नई धमकियों ने सुरक्षित निवेश को सहारा दिया

अमेरिकी प्रशासन द्वारा विदेश नीति के एक उपकरण के रूप में टैरिफ का आक्रामक और अक्सर अप्रत्याशित उपयोग वैश्विक बाजार प्रतिभागियों के बीच व्यापक बेचैनी पैदा कर रहा है, जिससे वित्तीय बाजारों में तीव्र अस्थिरता उत्पन्न हो रही है। इसने जोखिम वाली संपत्तियों पर भारी दबाव डाला है, जबकि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है।

ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करने के अमेरिकी कदम का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की नई धमकियों ने वैश्विक शेयर बाजारों में एक बार फिर बिकवाली को जन्म दिया है, जिसमें भारतीय बाजारों पर भी व्यापक दबाव देखा जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों, निवेशकों की सतर्क स्थिति और जोखिम लेने की कम प्रवृत्ति के संयोजन को दर्शाते हुए, भारतीय शेयर बाजार आज के सत्र में निर्णायक रूप से नकारात्मक रुख के साथ समाप्त हुआ।

यूरोपीय बाजारों में दिखी एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट 

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजारों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को छुट्टी के कारण अमेरिकी बाजार बंद रहे।

ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 63.91 अमेरिकी डॉलर पर पहुंचा

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.09 प्रतिशत बढ़कर 63.91 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 3,262.82 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) खरीदार बने रहे और उन्होंने 4,234.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सोमवार को सेंसेक्स 324.17 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 83,246.18 पर बंद हुआ। निफ्टी 108.85 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 25,585.50 पर आ गया।

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