मुजफ्फरनगर। कस्टडी से भागने का प्रयास कर रहे बंदी को पुलिसकर्मियों ने कचहरी के उत्तरी मेन गेट के पास दबोच लिया। बंदी के भागने पर पुलिस में काफी देर अफरातफरी मची रही। पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उसकी धुनाई की। सूचना पर सीओ सिटी भारी फोर्स लेकर कचहरी पहुंचे और चेकिंग कराई।
जिला कारागार से लाए गए बंदियों की बुधवार को कोर्ट में पेशी चल रही थी। शाम करीब तीन बजे चार आरोपी हरिओम, श्रीओम, रामकिरण और रुपेश को चार सिपाही अपनी कस्टडी में लेकर कोर्ट पहुंचे। पेशी के बाद चारों को वापस लाया गया। इसी कोर्ट में बंदी रूपेश निवासी गोयला शाहपुर की दोबारा पेशी लगी थी। दोबारा ले जाए जाने के दौरान उसने किसी तरह अपना हाथ रास्ते में ही हथकड़ी से निकाल लिया और वहां से भाग निकला।
रुपेश को भागते देख पुलिस में हड़कंप मच गया। उसको लेकर जा रहे सिपाही शोर मचाते हुए आरोपी के पीछे भाग लिए। सिपाहियों को भागते देख आसपास मौजूद सिपाही और दरोगा भी आरोपी के पीछे दौड़ पड़े। कचहरी के उत्तरी गेट पर जाकर सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया और उसकी वहीं पर जमकर धुनाई की। आरोपी रूपेश पर लूट, हत्या आदि के करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वह शातिर बदमाश है। सूचना पर सीओ सिटी डॉ तेजवीर सिंह एसओ सिविल लाइन के साथ भारी फोर्स लेकर कचहरी पहुंचे और चेकिंग अभियान चलाया।
बंदियों का भागना बन रहा सिरदर्द
मुजफ्फरनगर। एक साल पूर्व अस्पताल में इलाज के दौरान फरार भभीसा का बदमाश, बीस दिन पूर्व हरदोई पुलिस की कस्टडी से फरार शहर निवासी शातिर की तलाश में धक्के खा रही पुलिस बुधवार को बंदी के भागने के प्रयास में पसीना-पसीना हो गई। फरवरी माह में भी एक बंदी दिल्ली पुलिस को शहर के एक होटल में बंद कर भाग गया था। आए दिन हो रही बंदियों के भागने की घटनाओं ने पुलिस के लिए एक नया सिरदर्द कर दिया है।
गत वर्ष कारागार में बंद भभीसा निवासी अजेंद्र बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हुआ था। चिकित्सकों द्वारा उसे पीलिया की बीमारी बताई गई थी। पुलिस पहरे के बीच 28 मई को वह अस्पताल के बाहर खड़ी कार से भाग गया था। बाद में उसके हरियाणा में उपचार कराने की बात सामने आई थी, लेकिन आज तक वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है। कुख्यात आसिफ जायदा के हत्यारोपी शाहरुख ने 20 दिन पूर्व हरदोई पुलिस अभिरक्षा से फरार होकर पुलिस में हड़कंप मचा दिया था। पुलिस के काफी प्रयासों के बाद भी शातिर का कुछ पता नहीं चल पाया।
उसके परिजन भी घर पर ताला डालकर भाग गए। कई व्यापारी इस शातिर के रडार पर हैं। फरवरी में दिल्ली पुलिस एक बदमाश को लेकर शहर मेें दबिश देने के लिए आई थी। आरोपी पुलिस स्टाफ को महावीर चौक के एक होटल में बंद कर फरार हो गया था। बुधवार को गोयला निवासी रुपेश कस्टडी में ही हथकड़ी से हाथ निकालकर भाग लिया था, लेकिन पुलिस ने उसे समय रहते दबोच लिया। भागने के प्रयास के दौरान पुलिस में हड़कंप मच रहा। आए दिन बंदियों के भागने की घटनाओं ने पुलिस का सिर दर्द बढ़ा दिया है।