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मौत का एक्सप्रेसवे: किसी का उजड़ा सिंदूर तो कोई हुआ अनाथ; सिसकियों में बीती रात, पढ़ें बिखरे परिवारों का दर्द

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 27 May 2026 06:24 AM IST

सार

Unnao Expressway Accident News: एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक बस हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन लीं। सोमवार को दिल्ली, गुड़गांव और अन्य जगहों से घर लौट रहे लोगों को क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।
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Unnao Road Accident - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। किसी के सिर से पिता का साया छिन गया तो किसी की मांग का सिंदूर उजड़ गया। मौत की सूचनाएं घर पहुंचते ही परिवार के लोग बेहाल हो गए। दिल्ली, गुड़गांव और गोरखपुर से देर शाम तक मृतकों के परिवार के लोग पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचते रहे। शव देख चीख पुकार मची रही।

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बेटा बोला- छुट्टी न मिलने से पिता मुझसे मिलकर लौट रहे थे
हादसे में जान गंवाने वाले सुरेश कुमार जायसवाल गोरखपुर में ही ग्रॉसरी का काम करते थे। बेटे अभिषेक ने बताया कि वह दिल्ली में कंप्यूटर ऑपरेटर है। छुट्टी न मिलने के कारण पिता उससे मिलने दिल्ली गए थे। सोमवार सुबह पहुंचे थे। पूरे दिन मेरे साथ रहने के बाद शाम को बस में घर आने के लिए बैठ गए थे। बताया कि करीब दो साल पहले मां पूनम देवी की बीमारी से मौत हो गई थी।

Unnao Road Accident - फोटो : amar ujala
क्या पता था अब कभी नहीं मिलेंगे
पिता ही मेरे साथ छोटे भाई आदित्य और कृष्णा का भी ध्यान रखते थे। बताया कि पापा बोलकर गए थे, जब मन न लगे तो आ जाना, या मुझे बता देना मिलने आ जाऊंगा। लेकिन यह नहीं पता था कि अब वह कभी नहीं मिलेंगे। यह बताते हुए वह फोन पर ही तेज-तेज से रोने लगा। बोला पहले मां ने साथ छोड़ा और पिता हमेशा के लिए छोड़कर चले गए।

आंखों के सामने पति की मौत, बिंद्रावती बदहवास
हादसे का शिकार हुए विदेशी गुप्ता परिवार सहित दिल्ली में रहते हैं। उनके दोस्त शिवम ने बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करते थे। बस में वह पत्नी बिंद्रावती के साथ अपने घर गोरखपुर आ रहे थे। हादसे में विदेशी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी को अधिक चोट नहीं आई थी।

Unnao Road Accident - फोटो : amar ujala
समय पर इलाज होता तो बच जाती जान
आंखों के सामने पति की मौत से वह बेहाल हैं। सीएचसी में वह बेहोश हो गईं। पानी की छीटें डालने के बाद वह होश में आईं। बिंद्रावती ने आरोप लगाया कि कि सीएचसी में समय पर इलाज होता तो शायद मेरे पति की जान बच जाती। घटना के समय तीनों बच्चे घर पर थे। मौत की सूचना पहुंचने के बाद सभी घर के लिए निकले हैं।

पापा कहते थे दो साल बाद सेवानिवृत्त होकर रहेंगे साथ
एक्सप्रेसवे पर हुई घटना में जान गंवाने वाले बिहार सीवान के महाराजगंज मछुआरी निवासी उपनिरीक्षक रवीचरन पुलिस लाइन में तैनात थे। बेटे राजू कुमार ने बताया कि पिता के सेवानिवृत्त होने के दो साल बचे थे। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने साथ रहने और फिर घूमने की बात कही थी।

Unnao Road Accident - फोटो : amar ujala
बंदी को लेकर जा रहे थे गुड़गांव
लेकिन यह नहीं पता था कि बीच रास्ते में ही हम लोगों को छोड़कर चले जाएंगे। जाते समय यह बताया था कि एक बंदी को लेकर गुड़गांव जा रहे हैं। उनके साथ कांस्टेबल मो. वसीम और रोधन कुमार भी गए थे। वह भी घायल हुए हैं। पति की मौत से पत्नी कांती देवी, बच्चों में तीन बेटे और दो बेटी बेहाल हैं।

आठ महीने बाद परिजनों मिलने जा रहे थे दिनेश, रास्ते में मौत
बस पलटने से जान गंवाने वाले दिनेशचंद्र चतुर्वेदी दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करते थे। लखनऊ निवासी उनके साले आशीष पांडेय ने बताया कि जीजा दिवाली पर घर आए थे। तब से अब अपने घर गोंडा के श्रृंगारधार मासकनवा जा रहे थे। पत्नी मिथलेश और बच्चों में सोनल, प्रियल, अंशिका और अन्नू पिता के आने की राह देख रही थीं। मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची कोहराम मच गया। बेटियां बार-बार बेहोश हो रही थीं। दिनेशचंद्र ही अपने परिवार के सहारा थे।

Unnao Road Accident - फोटो : amar ujala
दिव्यांग सरकारी कर्मचारी की हत्या में दो साल से जेल में था
हादसे का शिकार हुआ गुड़गांव निवासी तोमर उर्फ चंद्रपाल पेशे से डॉक्टर था। लेकिन आचरण अच्छे न होने से पत्नी अमरजीत कौर ने 15 साल पहले ही तलाक ले लिया था। तलाक में दो बच्चे निशिका और निशांक मां के पास ही रहने का आदेश हुआ था। इस पर तोमर उर्फ चंद्रपाल अकेला हो गया था और इधर-उधर जाकर रहने लगा था।

हत्या क्यों की थी, यही नहीं पता
अमरजीत कौर ने बताया कि करीब दो साल पहले पता चला कि उसने गोरखपुर में किसी दिव्यांग सरकारी कर्मचारी की हत्या कर दी है। हत्या करने के बाद वहां से भागकर मुझे भी मारने आए थे। लेकिन सफल नहीं हुए थे। पत्नी के मुताबिक उसने ही पति को गुड़गांव के सेक्टर पांच थाने में पकड़वाया था। तब से वह जेल में हैं। हत्या क्यों की थी, यही नहीं पता। मंगलवार सुबह मेरे पास उनकी मौत की खबर आई।

Unnao Road Accident - फोटो : amar ujala
परिवार वाले शादी के लिए देख रहे थे रिश्ता
बस पलटने से हुई सेरसहन गोविंदपारा निवासी विजय कुमार की मौत की घटना में बड़े भाई अजय कुमार ने बताया कि विजय दिल्ली के आर्मी कैंप के पास सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। पांच महीने पहले घर से गया था, तब से वहीं था। सोमवार को घर आने के लिए बस में बैठा था, तब फोन कर बताया था। बेटे की मौत से मां सिरजना देवी सहित अन्य परिजन बेहाल हैं। बताया कि अभी शादी नहीं हुई थी।
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