एप डाउनलोड करें

अब नजदीकी सीएससी पर भी मिलेगी एनओसी

लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 01:09 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

बाराबंकी। एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) एक राज्य से दूसरे राज्य में किसी वाहन के दोबारा पंजीकरण के लिए क्षेत्रीय एआरटीओ से जारी एक कानूनी दस्तावेज है। पता के परिवर्तन और पुन: पंजीकरण के लिए आवेदन के लिए एआरटीओ से एनओसी की आवश्यकता होती है, जहां से वाहन पंजीकृत कराया गया है। लेकिन अब एनओसी के लिए विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ऑनलाइन आवेदन करने पर सीएससी से ही एनओसी मिल जाएगी।
और पढ़ें
विज्ञापन

नई सुविधा के अनुसार अब पता चल जाएगा कि वाहन बेचने वाला व्हीकल मालिक बेच रहा है या अन्य कोई। नियम है कि सेकेंड हैंड व्हीकल खरीदने के लिए एनसीआरबी से एनओसी लिया जाए। लेकिन गांवों या दूरदराज के इलाकों में ऐसा नहीं हो पाता है। दरअसल, सब जगह एनसीआरबी का दफ्तर भी नहीं है। इसलिए एनसीआरबी ने सीएससी से एक अनुबंध किया है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा संचालित सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) ने गृह मंत्रालय के निकाय एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के साथ करार किया है।
इसके तहत जिले में मौजूद कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदने वालों को उस व्हीकल के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। इस बाबत सीएससी के जिला प्रबंधक रवि वर्मा ने बताया कि इस सुविधा से नागरिकों को निकटतम सीएससी केंद्र से एनओसी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। आवेदक चाहेगा तो कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदने वालों को उस व्हीकल के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। सीएससी इस सुविधा के बारे में लोगों को जागरूक भी करेगा ताकि इसका लाभ मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें