किचन में रुलाने वाला प्याज अब बाजारों और सड़कों पर जनता को रुला रहा है। आयातित प्याज की आमद के बावजूद प्याज के दाम घटने का नाम नहीं ले रहे।
कीमतों पर लगाम कसने के लिए एक तरफ प्याज का आयात शुरू किया गया तो दूसरी ओर नासिक से अभी भी निर्यात जारी है।
आढ़तियों का कयास है कि जल्दी ही प्याज 100 रुपये के स्तर को भी छू सकता है।
प्याज के दाम में जिस तरीके से महीने भर के भीतर दूसरी बार उछाल आया है उससे एक पखवारे में ही कीमत 100 रुपये किलो तक उछलने की अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि मंगलवार को फुटकर बाजार में प्याज की कीमत 75 रुपये प्रति किलो रही।
प्याज आढ़तियों के प्रतिनिधि अयूब बताते कि सर्वाधिक प्याज की सप्लाई नासिक से होती है। लेकिन नासिक के 90 फीसदी प्याज का निर्यात कर दिया गया।
10 फीसदी जो प्याज नासिक में बड़े कारोबारियों के पास है वह मनमाने दाम पर बेचा जा रहा है। अयूब का मानना कि जिस तरीके से शहर में प्याज का अकाल पड़ा उससे लगता तक जल्दी ही इसकी कीमत 100 रुपये किलो पहुंचेगी।
प्याज की नई फसल आने में अभी एक महीने की देरी है। उन्होंने कहा कि जनता को प्याज की महंगाई की मार से बचाने के लिए केंद्र सरकार को प्याज का आयात करना पड़ेगा।
दो दिन में दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी
चौक के कारोबारी कमलेश कुमार ने मंगलवार को बताया कि सोमवार को दुबग्गा मंडी से प्याज 54 से 60 रुपये प्रति किलो खरीद कर लाए थे जिसे 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक बेचा।
लेकिन मंगलवार को थोक मंडी में इसी प्याज की कीमत 56 से 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। डालीगंज सब्जी मंडी के दुकानदार राकेश ने बताया कि हफ्ते भर पहले जब बंगलुरु का प्याज मंडी में आया तो वह 45 से 50 रुपये किलो तक बिका।
ग्राहकों को यह प्याज गीला होने के कारण रास नहीं आया। नतीजा नासिक से आने वाले प्याज पर ही थोक एवं फुटकर मंडी आश्रित हो गई।
दुकानदार ने बताया थोक मंडी में भी आढ़ती प्याज की उपलब्धता देखकर कीमत तय करते हैं। एक महीने से जो प्याज 50 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा था उसका दाम बढ़कर 70 से 75 रुपये हो गया है।
निर्यातकों ने कर लिया स्टॉक
दुबग्गा मंडी के थोक कारोबारी अतीक बताते कि सर्वाधिक प्याज की आवक नासिक की लासल एवं पीपल मंडी से होती है।
जब नासिक से प्याज की आवक कम हो जाती तो निर्यातक एवं आढ़ती खेल करके उसकी कीमत बढ़ा लेते हैं।
नासिक में लखनऊ के आढ़ती सुरेश कुमार ने बताया कि नासिक से विदेश को प्याज का निर्यात किए जाने के कारण उसकी कीमत स्थिर नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि नासिक में निर्यातकों ने व्यापक स्तर पर प्याज का स्टॉक कर लिया है।
यही नहीं 24 घंटे भीतर प्याज के थोक दाम में दो रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है। मंडी में बंगलुरु के प्याज ने दस्तक दे दी है लेकिन उससे प्याज की कीमत पर कोई फर्क नहीं पड़ा।