बसपा सुप्रीमो मायावती गुजरात में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई हैं।
शुक्रवार को उन्होंने गुजरात के पार्टी पदाधिकारियों को लखनऊ बुलाकर वहां के राजनीतिक हालात का फीडबैक लिया। साथ ही पार्टी संगठन की गतिविधियों व सर्वसमाज में जनाधार बढ़ाने से संबंधित कार्यों की समीक्षा की।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि ऊना दलित उत्पीड़न कांड के बाद गुजरात के दलितों में अपने आत्मसम्मान व स्वाभिमान को लेकर राजनीतिक चेतना जगी है।
जिस प्रकार मंडल आयोग की सिफारिशों के तहत शिक्षा व सरकारी नौकरी के क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था के लिए पिछड़े वर्ग की लड़ाई लड़ी गई, उसी तरह आदिवासी समाज की लड़ाई को भी अपनी लड़ाई समझकर लड़नी होगी। तभी उनकी उपेक्षा व शोषण पर रोक लगाई जा सकती है।
गुजरात के दबे-कुचले, पीड़ित, शोषित लोग एकजुट होकर विधानसभा चुनाव लड़ते हैं तो भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।