बसपा से राज्यसभा सदस्य जुगुल किशोर और पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के पुत्र राष्ट्रवादी कांग्रेस से विधायक फतेह बहादुर के कुनबे ने मंगलवार को भाजपा का दामन थाम लिया। बसपा से विधान परिषद में मौजूदा सदस्य हरगोविंद सिंह (बाराबंकी) ने भी भगवा चोला पहन लिया।
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इन सभी को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। इनके साथ बड़ी संख्या में इनके समर्थकों ने भी भाजपा की सदस्यता ली। उधर, बसपा विधानमंडल दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने हरगोविंद सिंह की सदस्यता समाप्त कराने के लिए कार्रवाई करने की बात कही है।
जुगुल किशोर की पत्नी दमयंती किशोर, पुत्र सौरभ सिंह सोनू, फतेह बहादुर की पत्नी साधना सिंह और पुत्र विश्वमान सिंह ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। जुगुल और फतेह बहादुर के बारे में पूछने पर वाजपेयी ने कहा, वह उन्हीं के बारे में कुछ बता सकते हैं जो यहां सामने हैं।
भविष्य में जो जब आएगा तब उनके बारे में बताएंगे। सूत्रों के अनुसार, वाजपेयी जब यह जवाब दे रहे थे तो जुगुल किशोर और फतेह बहादुर दोनों नेता पार्टी कार्यालय में मौजूद थे। माना जाता है कि सदस्यता जाने के भय से दोनों सामने नहीं आए।
बड़ा झटका है एमएलसी का जाना
बसपा के लिए जुगुल किशोर के कुनबे का भाजपा में जाना उतना बड़ा झटका नहीं है जितना हरगोविंद का शामिल होना। लोकसभा चुनाव के बाद जितने लोग भाजपा में शामिल हुए हैं, उनमें हरगोविंद बसपा के ऐसे पहले शख्स हैं जिन्होंने विधान परिषद सदस्य होते ही भगवा चोला ओढ़ा है। वह जुगुल किशोर के नजदीकी माने जाते हैं।
इसलिए समझा जा सकता है कि उन्होंने जुगुल किशोर के कारण भाजपा का दामन थामा है। फतेह बहादुर काफी पहले से भाजपा के संपर्क में थे। वह पहले भी भाजपा में रह चुके हैं। बताया जाता है कि उन्होंने हाल में विधान परिषद चुनाव में भी भाजपा उम्मीदवार को वोट दिया था।
जुगुल किशोर से भी बसपा ने एक तरह से नाता तोड़ लिया है। अब वह सिर्फ तकनीकी तौर पर बसपा में हैं। इनके अलावा सुरेन्द्र मिश्रा पूर्व विधायक अतरौलिया (आजमगढ़), अमित तिवारी बसपा के दिल्ली एवं बिहार प्रदेश के सहप्रभारी ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
आज भी कुछ लोग हो सकते हैं शामिल: जानकारी के मुताबिक, कुछ और लोग बुधवार को भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इनमें कुछ पूर्व सांसद, पूर्व एमएलसी और पूर्व विधायक शामिल हैं। बसपा में रह चुके बुंदेलखंड के कुछ चेहरों के एक-दो दिन में भाजपा में आने के संकेत हैं। चर्चा यह भी है कि विधान परिषद में स्थानीय निकाय प्राधिकारी क्षेत्र से निर्वाचित तीन एमएलसी भी भाजपा में दिख सकते हैं।