वाणिज्य कर विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त छापे के बाद ट्रेन से आने वाले टैक्स चोरी के सामान की आवक थमने के बजाय बढ़ गई है।
वाणिज्य कर विभाग का स्टेशन पर पहरा महज दिखावा भर ही है। अब तो चेकिंग दस्ते के सामने से सिंडीकेट टैक्स चोरी के सामान को पार कर रहे हैं।
वहीं, सचल दल सड़क से गुजरने वाले ऐसे सामान को देखकर भी नजरअंदाज करने लगे हैं।
मालूम हो कि वाणिज्य कर आयुक्त मृत्युंजय कुमार ने शुक्रवार को पड़े छापे के बाद स्टेशन पर 24 घंटे का पहरा बैठा दिया।
पढें- कैसे रोकें हेराफेरी, अधिकारी ले रहे ट्रेनिंग
यानी स्टेशन से निकलने वाले माल की चेकिंग करने के लिए पाली में दस्ते तैनात किए, लेकिन टैक्स चोर सिंडीकेट की आला अफसरों से साठगांठ होने से यह चेकिंग दस्ते जांच के नाम पर मौजमस्ती करते रहते हैं।
इनके सामने से दिल्ली से आने वाली लखनऊ मेल, शताब्दी, गोमती, पद्मावत, आसाम से गौहाटी और मुंबई से कुशीनगर, पुष्पक एक्सप्रेस से आया माल दिन भर पार हो रहा है।
त्योहार के चलते माल का स्टॉक जुटाने के लिए सिंडीकेट ने भी पूरी ताकत झोंक दी है।
स्टेशन से निकलकर यह माल अहियागंज, अमीनाबाद, लाटूश रोड, नाका एवं अन्य बाजारों के लिए धड़ल्ले से जा रहा है, लेकिन सचल दल इस माल को नहीं पकड़ रहे हैं।
उच्च अफसर दफ्तर से निकलकर चेकिंग दस्ते की औचक जांच करने ही नहीं निकलते हैं। इससे यह चेकिंग अभियान परवान नहीं चढ़ सका।
मीडिया को देखा तो करने लगे चेकिंग
‘अमर उजाला’ की टीम ने सोमवार दोपहर 1:30 बजे चेकिंग दस्ते की कार्यप्रणाली का जायजा लिया तो देखा कि नीली बत्ती वाली गाड़ी स्टेशन के उस द्वार पर खड़ी है।
ट्रेन से आया टैक्स चोरी का माल लोडर, ठेलिया एवं डाला पर लोड होकर बाहर निकल रहा और दस्ते के अफसर मटरगस्ती कर रहे हैं।
मीडिया पर नजर पड़ते ही अफसर हड़बड़ा गए और दिखावे के लिए निकल रहे माल की चेकिंग करने लगे। इस दौरान कुछ माल को सीज भी किया।
लखनऊ की और खबरों के लिए क्लिक करें-