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नलकूप फेल क्या हुआ, 5 अभियंता सस्पेंड

टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Sat, 12 Oct 2013 09:07 AM IST
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नलकूप फेल होने पर सिंचाई विभाग के पांच अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है।
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इनमें तीन अधिशासी अभियंता व दो कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है।
मामला इलाहाबाद का है। नलकूप निर्माण खंड ने मायावती सरकार के समय यह नलकूप लगवाए थे। लेकिन नलकूप कुछ ही दिनों बाद चलने बंद हो गए। इसकी शिकायत होने पर विभागीय मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने जांच कराई।

विभागीय अधिकारियों को दोषी पाते हुए पांच अभियंताओं को निलंबित करने के आदेश दे दिए। इसी के बाद प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने अधिशासी अभियंता प्यारे मोहन, एसपी सिंह व प्रदीप झा को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।
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इस मामले में दो कनिष्ठ अभियंता मो. सिद्दीक व ओम प्रकाश को भी निलंबित करने के निर्देश प्रमुख अभियंता सिंचाईं को दिए गए हैं।

इस मामले में दो और सहायक अभियंता पर भी कार्रवाई होनी थी, लेकिन वे रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में विभाग उन्हें चार्जशीट देने की तैयारी कर रहा है।

बगैर पक्ष जाने हुई कार्रवाईइलाहाबाद के इस मामले में अभियंताओं का पक्ष जाने बगैर ही उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। इसको लेकर उत्तर प्रदेश इंजीनियर्स एसोसिएशन ने कड़ी नाराजगी जताई है।

एसोसिएशन के महासचिव कायम रजा रिजवी ने कहा कि एक बार सरकार को अभियंताओं का भी पक्ष जानना चाहिए था। इसका अभियंता संघ विरोध करता है।
दूसरे मामलों में स्पष्टीकरण लेकर छोड़ासिंचाई विभाग में नलकूप फेल होने के ऐसे ही कई और भी मामले सामने आए हैं। पिछले दिनों ऐसे 32 अभियंताओं पर कार्रवाई की सूची बनी थी, लेकिन सभी को केवल स्पष्टीकरण लेकर मामला रफा-दफा कर दिया गया।

वहीं, इलाहाबाद के मामले में सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए निलंबित कर दिया है। ऐसे में अब यह चर्चा है कि एक ही जैसे जुर्म में सजाएं अलग-अलग क्यों?
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