जम्मू मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में एक्सपायर हो चुके इंजेक्शन मरीजों को लगाए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद से इस पर बवाल बढ़ता जा रहा है।
और पढ़ें
आज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर प्रिंसिपल कार्यालय का घेराव किया। आरोप लगाया कि अस्पताल में अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है।
इसके साथ ही इमरजेंसी खराब लिफ्ट का मुद्दा भी उठाया गया। हंगामे के बाद आननफानन में जीएमसी प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
एक महीने पहले हो गया था एक्सपायर
जीएमसी के नए इमरजेंसी ब्लाक में एक्सपायर्ड एडरिनेलाइन इंजेक्शन पाया गया।
शिवसेना के प्रधान अशोक गुप्ता का आरोप है कि इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट एक जुलाई को पूरी हो चुकी है और उसे इमरजेंसी जैसी महत्वपूर्ण यूनिट में रखा गया है, जिससे साफ है कि इस यूनिट में हृदय और दूसरे गंभीर मरीजों को ऐसे ही एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की जाए।
30 जुलाई थी एक्सपायरी डेट
जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल ने दावा किया कि जिस एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन को इमरजेंसी में पाया गया, उसकी एक्सपायरी डेट 30 जुलाई थी।
कल उसे स्टोर में वापस भेजा जाना था। मामले को गंभीरता ले लेते हुए तीन सदस्यीय टीम में आर्थो से डा. संजीव, सर्जरी से डा. कैलाश ठाकुर और मेडिसन से डा. अशफाक को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
इमरजेंसी रूम नंबर चार के इंचार्ज राजेंद्र को जांच पूरी होने तक अधीक्षक कार्यालय में अटैच किया गया है।