छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जमीन विवाद के चलते एक ग्रामीण ने खेत से धान लेकर घर लौट रहे अपने ही सगे भतीजे पर तीर चला कर उसकी हत्या कर दी। इस दौरान अन्य लोगों ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित किया है।
मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि रामप्रसाद राठिया निवासी कया ने घरघोड़ा थाने में सूचना देते हुए बताया कि उसके पिता की मौत के बाद उसके बड़े पिता जी कंवर सिंह राठिया 58 साल, के साथ उनका जमीन विवाद चला आ रहा है, कई बार लड़ाई झगड़ा हो चुका है। 28 अक्टूबर 2020 की दोपहर 3 बजे वह और उसका छोटा भाई पुरन राठिया गांव के संतोष राठिया और होम राठिया के साथ ट्रेक्टर में खेत से कटा हुआ धान लेकर गांव की तरह आ रहे थे। जैसे ही वे लोग मांझी डोंगरी जंगल के पास पहुंचे ही थे कि घात लगाए बैठे कंवर सिंह राठिया ने धनुष से तीन तीर पुरन राठिया को मारा जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस दौरान अन्य लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई और गांव वालों को घटना से अवगत कराया।
रामप्रसाद राठिया की सूचना पर घरघोड़ा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत अपराध दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया। अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा के विद्वान न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने इस मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी कंवर सिंह राठिया को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 1 हजार जुर्माने से दंडित किया। साथ ही मृतक के परिजनों को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से क्षतिपूर्ति के रूप में 1 लाख रुपए दिए जाने की अनुशंसा की गई है । इस मामले में शासन की तरफ से लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।