पंजाब में वर्षों से पक्की नौकरी की मांग कर रहे 2063 मनरेगा के कर्मचारियों को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने वाली है। पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को इन कर्मियों को पक्का करने की योजना बनाने का निर्देश दिया है। आने वाली कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाएगा।
गुरुवार को राज्य नरेगा मुलाजिम यूनियन की पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल से पंचायत एवं विकास भवन मोहाली में बैठक हुई। बैठक में वित्त सचिव केएस प्रसाद, डायेक्टर जीए खैहरा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। मुलाजिमों ने बताया कि उनकी भर्ती पूरी पारदर्शी तरीके से हुई। साथ ही रैगुलर भर्ती प्रक्रिया में अपनाए जाने वाले मापदंडों को अपनाया गया है।
वह गत लंबे समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। उनकी सेवाएं रेगुलर करने के लिए सरकार के खजाने पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि उनका पूरा वेतन मनरेगा के तहत होने वाले खर्चें के छह फीसदी कंटनजंसी के रूप में केंद्र सरकार से आता है। हालांकि मौजूदा समय में वह डीसी रेट पर काम कर रहे हैं। इससे उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा मुलाजिमों के तजुर्बें को ग्रामीण विकास में इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, नई भर्ती में खर्च होने वाले करोड़ों रुपये बच सकते हैं। सर्व शिक्षा अभियान व रमसा अध्यापक यूनियन की तर्ज पर मनरेगा मुलाजिमों की सेवाओं को पंचायत विभाग में रेगुलर किया जाए। बैठक में सूबा प्रधान मनशे खां, सरपरस्त वरिंदर सिंह समेत कई अधिकारी हाजिर रहे।