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करोड़ों की बिजली वेस्ट कर रही चीन की मशीन

डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 14 May 2014 12:01 PM IST
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हरियाणा में करीब 7000 करोड़ रुपये खर्च कर दो थर्मल प्लांट लगाए गए, जिनमें चीन की मशीनरी लगाई गई है। लेकिन यह मशीनरी ही प्रदेश के बिजली उत्पादन निगमों के लिए सिरदर्द बन गई है।
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करीब 2500 करोड़ रुपये की लागत से यमुनानगर में 300-300 मेगावाट की दो यूनिट वाला थर्मल प्लांट जबकि हिसार के खेदड़ में करीब 4500 करोड़ रुपये की लागत से 600-600 मेगावाट की दो यूनिट वाला थर्मल प्लांट लगाया गया था।

यमुनानगर थर्मल प्लांट में चीन की मशीनरी स्थापित की गई। एक यूनिट का रोटर करीब नौ महीने खराब रहा और उसे ठीक कराने के लिए चीन भेजना पड़ा। कैग ने भी इस प्लांट के देरी से चलने और यूनिट बंद होने से करोड़ों रुपये के बिजली उत्पादन का नुकसान बताया था।
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हिसार के खेदड़ प्लांट का एक यूनिट का रोटर कई महीने से खराब है। यह रोटर भी चीन भेजा गया था। अब वहां से लौट आया है। अगले महीने तक यह रोटर फिट हो जाएगा। इस यूनिट के बंद होने से भी करोड़ों रुपये की बिजली उत्पादन का नुकसान हुआ है।

डिजाइन खराब या इंजीनियर
बिजली निगमों के अध्यक्ष व बिजली विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह ने अमर उजाला को बताया कि हरियाणा के इंजीनियर डिजाइन खराब बता रहे हैं।

हरियाणा पावर जेनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के एमडी एमकेवी रामा राव ने बताया कि चीन की कंपनी हरियाणा के इंजीनियरों को नई तकनीक के बारे में अनजान बता रही है।

यमुनानगर और खेदड़ प्लांट में बार-बार खराबी आने, चीन के स्पेयर पार्ट्स यहां न मिलने, हरियाणा के इंजीनियरों को ट्रेंड करने के लिए हरियाणा के अफसरों का एक दल एचपीजीसीएल के खर्च पर गत अप्रैल में चीन गया और चीन की कंपनी से आग्रह करके आया है कि वह अपने इंजीनियर हरियाणा के इन प्लांटों में तैनात कर दे। उन इंजीनियरों का खर्च भी एचपीजीसीएल को अदा करना पड़ेगा।

कोट
चीन की तकनीक नई है। हमारे इंजीनियर उससे पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं। हमने चीन की कंपनी से आग्रह किया है कि वह अपने 10-10 इंजीनियर हमारे दोनों प्लांटों में तैनात कर दे। साथ में हमारे इंजीनियरों को भी प्रशिक्षित कर दें।
एमकेवी रामा राव, प्रबंध निदेशक, हरियाणा पावर जेनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड

कोट
चीन की कंपनी ने इन प्लांटों के डिजाइन को सही बताया है। हमने जहां चीन की कंपनी से अपने इंजीनियर भेजने को कहा है, वहीं चीन तकनीक से बने अन्य राज्यों के थर्मल प्लांटों के कारण गुड़गांव में रिपेयर वर्कशाप खोलन, स्पेयर पार्ट्स रखने का भी आग्रह किया है।
देवेंद्र सिंह, प्रधान सचिव, बिजली विभाग, हरियाणा
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