सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US-European relations US Treasury Secretary Scott Bessent said America relationship with Europe remains strong

US-Europe Relations: टैरिफ तनाव के बीच दावोस में बोले स्कॉट बेसेंट, यूरोप के साथ अमेरिका के संबंध मजबूत

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दावोस Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 20 Jan 2026 03:09 PM IST
विज्ञापन
सार
Register For Event

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावोस में कहा कि यूरोप के साथ रिश्ते मजबूत हैं और तनाव कम होना चाहिए। हालांकि ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर डेनमार्क का साथ देने वाले आठ देशों पर दस प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इसके जवाब में यूरोपीय संघ जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।

US-European relations US Treasury Secretary Scott Bessent said America relationship with Europe remains strong
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

अमेरिका और यूरोप के संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री (ट्रेजरी सेक्रेटरी) स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को कहा कि यूरोप के साथ अमेरिका के रिश्ते मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने व्यापारिक साझेदारों से अपील की कि वे गहरी सांस लें और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप प्रशासन की नई टैरिफ धमकियों से पैदा हुए तनाव को शांत होने दें।
Trending Videos


क्या बोले अमेरिकी मंत्री?
बेसेंट ने यह बात स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमारे संबंध पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं।" शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर फरवरी से दस प्रतिशत आयात टैक्स लगाने का एलान किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: बोर्ड ऑफ पीस: क्या अब दुनिया दो समानांतर संस्थाओं के साथ चलेगी? भारत को कई संतुलन साधने होंगे

इन देशों ने किया था डेनमार्क का समर्थन
इन देशों ने ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की मांग के खिलाफ डेनमार्क का साथ दिया था। ट्रंप का कहना है कि चीन और रूस से खतरे को देखते हुए सुरक्षा कारणों से अमेरिका को इस इलाके की जरूरत है। ट्रंप की इन धमकियों से पूरे यूरोप में गुस्सा है और राजनयिक हलचल तेज हो गई है। यूरोपीय नेता जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। इसमें जवाबी टैरिफ और यूरोपीय संघ के 'एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट' का पहली बार इस्तेमाल शामिल हो सकता है।

क्या कर सकता है यूरोप?
अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) के पास तीन मुख्य आर्थिक हथियार हैं। पहला- नए टैरिफ लगाना, दूसरा- अमेरिका-ईयू व्यापार समझौते को रोकना, और तीसरा- ट्रेड बजूका, जो ब्लॉक का एक खास नियम (एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट) के लिए लिए अनौपचारिक शब्द है। यह उन व्यक्तियों या संस्थानों पर प्रतिबंध लगा सकता है जो ईयू पर अनुचित दबाव डालते पाए जाते हैं।

ये भी पढ़ें:
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed