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Singapore: ड्रग तस्करी मामले में भारतीय मूल का मलेशियाई बरी, सिंगापुर की शीर्ष अदालत ने दी थी मौत की सजा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 31 Oct 2022 03:53 PM IST
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सार
मई 2022 में ड्रग तस्करी के मामले में एक भारतीय मूल के एक मलेशियाई को मौत की सजा सुनाई गई थी। लेकिन सोमवार को सिंगापुर की अदालत ने उन्हें यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष ने अपना मामला साबित नहीं किया है।
सिंगापुर सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मई 2022 में ड्रग तस्करी के मामले में एक भारतीय मूल के एक मलेशियाई को मौत की सजा सुनाई गई थी। लेकिन सोमवार को सिंगापुर की अदालत ने उन्हें यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष ने अपना मामला साबित नहीं किया है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर की शीर्ष अदालत ने अक्तूबर 2011 में यहां कार पार्किंग में दो ड्रग कूरियर को एक दूसरे को देने के आरोप में पुनीथन गेनासन को गिरफ्तार किया था। मई 2020 में गेनासन को मौत की सजा सुनाई गई थी। कोरोना महामारी से पहले उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी।
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आरोप था कि गेनासन ड्रग के लेनदेन के पीछे का मास्टरमाइंड था। उसे सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारियों ने ड्रग कूरियर के साथ 28 अक्तूबर, 2011 को गिरफ्तार किया था।
उनके पास कम से कम 28.5 ग्राम डायमॉर्फिन (शुद्ध हेरोइन) पाया गया था। सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो की वेबसाइट के मुताबिक, सिंगापुर में मादक पदार्थों के दुरुपयोग अधिनियम के तहत 15 ग्राम से ज्यादा डॉयमॉर्फिन का अवैध ट्रांसपोर्ट, आयात या निर्यात करने पर मौत की सजा है।
सोमवार को मुकदमे में अभियोजन पक्ष इस बात को साबित करने में विफल रहा कि ड्रग लेनदेन से पहले गेनासन और दो अन्य के बीच ड्रग कूरियर को लेकर मीटिंग हुई थी।
मुख्य न्यायाधीश सुंदरेश मेननन और न्यायमूर्ति एंड्रयू फांग और तांग योंग क्वांग ने कहा कि मुकदमे में कथित मीटिंग की तारीख और समय को लेकर सबूतों में विसंगतियां थीं। तीन जजों की बेंच का फैसला जस्टिस ताई ने सुनाया।