शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह सपनों को उड़ान देने का माध्यम भी बनती है। बाड़मेर जिले से ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां एक सरकारी शिक्षक ने अपना वादा निभाते हुए तीन मेधावी छात्राओं के हवाई यात्रा के सपने को साकार कर दिया।
जिले के धोरीमन्ना क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पाबूबेरा में कार्यरत स्टेट अवार्डी शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने के लिए एक अनोखी पहल की थी। उन्होंने सत्र 2025-26 के दौरान घोषणा की थी कि कक्षा 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को वे अपनी निजी आय से हवाई यात्रा करवाएंगे। शिक्षक की इस घोषणा ने विद्यार्थियों के भीतर पढ़ाई के प्रति नया उत्साह और प्रतिस्पर्धा का भाव पैदा कर दिया।
जब परीक्षा परिणाम घोषित हुए तो विद्यालय की छात्राएं हर्षिता, गीता और शांति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। अपने वादे के अनुसार शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई ने 12 जून को इन तीनों छात्राओं को अहमदाबाद से बेंगलुरु तक हवाई यात्रा करवाई। करीब ढाई घंटे की इस उड़ान ने छात्राओं के जीवन में एक यादगार अनुभव जोड़ दिया।
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ग्रामीण परिवेश से आने वाली इन छात्राओं के लिए यह यात्रा किसी सपने के सच होने से कम नहीं थी। पहली बार विमान में बैठने का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। यात्रा के बाद छात्राओं ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वे इतनी जल्दी हवाई जहाज में सफर कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि उनके शिक्षक ने जो वादा किया था, उसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाया है। छात्राओं के अनुसार इस अनुभव ने उन्हें आगे और अधिक मेहनत करने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी है।
शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों के बड़े सपने होते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे उन्हें साकार होता हुआ नहीं देख पाते। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने यह पहल शुरू की, ताकि विद्यार्थी बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्रेरित हों।
यह केवल तीन छात्राओं की हवाई यात्रा की कहानी नहीं है, बल्कि शिक्षा, प्रेरणा और विश्वास की ताकत का जीवंत उदाहरण है। एक शिक्षक की सकारात्मक सोच ने न केवल छात्राओं के सपनों को उड़ान दी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सच्चे शिक्षक केवल पढ़ाते ही नहीं, बल्कि अपने विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए हरसंभव प्रयास भी करते हैं।