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राम के नाम पर कोई राजनीति नहीं, अब केवल मंदिर बनना है: स्वामी यतींद्रानंद गिरी
Updated Fri, 09 Nov 2018 11:56 PM IST
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रुड़की। राम मंदिर निर्माण के लिए स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज के आमरण अनशन से पहले महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज रुड़की में 11 नवंबर को भक्तों के साथ एक दिवसीय सांकेतिक उपवास करेंगे। उनका कहना है कि देश में राम के नाम पर अब कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए, अब मंदिर बनना है। उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद को यदि अनशन पर बैठना पड़ा तो देश में उबाल आ जाएगा। लिहाजा उनके अनशन से पहले केंद्र सरकार कानून बनाकर मंदिर निर्माण शुरू करे, इसके लिए उन्होंने सांकेतिक अनशन का निर्णय लिया है।
श्री पंचदशनाम जूना के वरिष्ठ महामंडलेश्वर एवं रुड़की स्थित जीवनदीप आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी जी महाराज 11 नवंबर को रुड़की में लक्ष्मी नारायण मंदिर के सामने गंगनहर के घाट पर राम मंदिर निर्माण के लिए एक दिवसीय सांकेतिक उपवास करेंगे। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार कानून बनाकर मंदिर का तुरंत निर्माण करें। उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी के अनशन पर बैठने की नौबत नहीं आनी चाहिए। यदि ऐसा हुआ तो पूरा देश हिल उठेगा और नई क्रांति का जन्म होगा। उन्होंने मंदिर के निर्माण में देरी के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि 400 साल पहले श्रीराम की पवित्र जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर विदेशी आक्रांताओं ने तोड़ दिया गया था, उसी स्थान पर भव्य मंदिर के लिए सैकड़ों वर्ष से हिंदू समाज लड़ाई लड़ रहा है। कोर्ट की ओर से भी निर्णय में देरी की जा रही है। राम जन्मभूमि पर राम का मंदिर बनना चाहिए, इसके लिए केंद्र की सरकार संसद में कानून लाए और निर्माण शुरू कराए। उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी ने छह दिसंबर के बाद आमरण अनशन की घोषणा की है, लेकिन इसकी नौबत ही नहीं आनी चाहिए।
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पीएम के भाई पंकज मोदी के साथ किया डोली पूजन
यतींद्रानंद गिरी जी महाराज ने पीएम नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी के साथ बृहस्पतिवार को भगवान बद्रीनाथ के दर्शन किए और इसके बाद केदारनाथ में भगवान की डोली का पूजन किया। इसके बाद वे केदारनाथ गए। यहां कपाट बंद होने से पहले डोली पूजन किया। इसके बाद उन्होंने शंकराचार्य की समाधि के दर्शन किए। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त भी मौजूद रहे।
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यतींद्रानंद गिरी जी महाराज ने पीएम नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी के साथ बृहस्पतिवार को भगवान बद्रीनाथ के दर्शन किए और इसके बाद केदारनाथ में भगवान की डोली का पूजन किया। इसके बाद वे केदारनाथ गए। यहां कपाट बंद होने से पहले डोली पूजन किया। इसके बाद उन्होंने शंकराचार्य की समाधि के दर्शन किए। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त भी मौजूद रहे।

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