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ऋषिकेश में बेपरवाह घूमने से पहले यहां डालिए नजर...

ऋषिकेश/आलोक पंवार Updated Sun, 11 Aug 2013 10:45 AM IST
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Look here first before remiss walking in Rishikesh
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सावधान! तीर्थनगरी ऋषिकेश घूमने का इरादा है तो जरा इधर भी गौर फरमाइये। कहीं ऐसा न हो कि तीर्थनगरी में मौज मस्ती आपकी सेहत पर भारी पड़ जाए।

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ऋषिकेश में संक्रामक रोगडेंगू ने दस्तक दे दी है। राजकीय चिकित्सालय में तीन दिन पहले वायरल फीवर से पीड़ित एक बच्ची के ब्लड की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक खून में प्लेटलेट्स की कमी के चलते परिजन बच्ची को जौलीग्रांट अस्पताल लेकर गए हैं।
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जांच में हुआ खुलासा
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, बुधवार देरशाम मुखर्जी मार्ग निवासी प्रदीप कुमार की नौ वर्षीय बेटी पीहू को फीवर की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तेज बुखार होने पर उसके रक्त की जांच पैथोलॉजी लैब में कराई गई।

प्लेटलेट्स 70 हजार
रिपोर्ट में प्लेटलेट्स 70 हजार पाए जाने पर एक अन्य पैथोलॉजी लैब में डेंगू की जांच कराई गई, जिसमें रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. एनके रतूड़ी ने बच्ची में डेंगू की पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि परिजनों ने बुखार आने पर पहले किसी निजी चिकित्सालय में उपचार कराया। तबियत में सुधार नहीं होने पर राजकीय चिकित्सालय लेकर पहुंचे। यहां डेंगू की आशंका में एंटीजन और एंटी बॉडी टेस्ट कराया गया।

क्या हैं लक्षण
- तेज बुखार, उल्टी की शिकायत, शरीर पर लाल चकते और सिरदर्द डेंगू के लक्षण हैं। चिकित्सकों की सलाह है कि यदि ऐसा कोई लक्षण दिखाई दे तो तत्काल चिकित्सीय परामर्श लें। लापरवाही भारी पड़ सकती है।
- सामान्यरूप से ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या 1.50 लाख होती है, इससे कम प्लेटलेट्स पाए जाने पर संबंधित जांच आवश्यक है।

यह सावधानी बरतें
बरसात में कूलर में पानी नहीं भरे। पानी स्टोर किया है तो उसे ढक कर रखें। गमलों में पानी जमा नहीं होने दें। साफ पानी में पनपता है एनाफिलीज मच्छर, जिसके काटने से डेंगू होता है। यह मच्छर दोपहर में डंक मारता है।

इनकी सुनिए
डेंगू की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को जलभराव और गंदगी वाले क्षेत्रों में कीटनाशक दवा का छिड़काव करने और निगरानी रखने के निर्देश दे दिए गए हैं। संक्रामक रोग नहीं फैले इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। डेंगू जांच के लिए पैथोलॉजी लैब में किट की व्यवस्था की गई है।
- डा. एके गैरोला, मुख्य चिकित्साधीक्षक, राजकीय चिकित्सालय

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