Dalmandi Varanasi: दालमंडी में पोकलैंड मशीन से पांच भवन तोड़े, सुबह सात बजे से शुरू किया गया था ध्वस्तीकरण
Varanasi News: वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सोमवार को पोकलेन मशीन से पांच भवन ध्वस्त किए गए। सुबह सात बजे शुरू हुई कार्रवाई शाम तक चली। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 150 भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है।
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Dalmandi Varanasi: वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सोमवार को पांच और मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा इन भवनों को पहले ही अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया गया था। सुबह सात बजे शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शाम करीब पांच बजे तक चली। प्रशासन के अनुसार अब तक कुल 150 मकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रही। पूरे अभियान की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की गई। प्रशासन की ओर से रास्तों को बंद कर लगातार लोगों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जाती रही।
कार्रवाई में लगभग 100 मजदूरों के साथ छह जेसीबी मशीनें और एक पोकलेन मशीन लगाई गई। जिन भवनों को पहले ध्वस्त किया जा चुका था, उनके मलबे को हटाने का कार्य भी समानांतर रूप से जारी रहा। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे।
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत नई सड़क से चौक थाना तक लगभग 650 मीटर लंबे मार्ग का विस्तार किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत 17.4 मीटर चौड़ी मॉडल सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इसके दोनों ओर 3.2 मीटर चौड़े फुटपाथ और हरित पट्टी विकसित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ पैदल यात्रियों को भी सुविधा मिल सकेगी।
करीब 215 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए 187 संपत्तियों और भवनों के अधिग्रहण का प्रावधान किया गया है। प्रभावित संपत्ति स्वामियों को मुआवजा देने के लिए 191 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार पात्र लोगों को चरणबद्ध तरीके से मुआवजा वितरित किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और शहर को एक आधुनिक एवं व्यवस्थित मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।