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आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार बंद, अब मिलेगा राशन और दूध
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार बंद, मिलेगा राशन और दूध
जिले के 3112 आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को मिलेगा लाभ
‘टेक होम राशन’ के रूप में गेहूं, चावल, दाल, सूखा दूध, देसी घी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। प्रदेश में नई व्यवस्था के तहत जिले के 3212 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीरी की जगह सूखा राशन दिया जाएगा। ‘टेक होम राशन’ के रूप में गेहूं, चावल, दाल, सूखा दूध, देसी घी आदि दिया जाएगा। इसका वितरण स्वयं सहायता समूह की ओर से सुनिश्चित किया जाएगा।
शासन स्तर से लिए गए निर्णय के अनुसार अन्य प्रदेशों की तरह उत्तर प्रदेश में भी ‘टेक होम राशन’ की व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब तक पोषाहार मिलता था। अब इसे बंद कर इसके स्थान पर राशन समेत अन्य सामग्री बांटने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए गेहूं, चावल भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से और देशी घी और सूखा दूध पाउडर प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड से निर्धारित मानकों के अनुसार स्वयं सहायता समूह को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा। समूह दलों को स्थानीय स्तर पर खरीदेंगे और निर्धारित मात्रा में वजन व पैकिंग कर आंगनबाड़ियों से विभिन्न श्रेणी के लाभार्थियों को हर महीने उपलब्ध कराएंगे। बताते चले कि पंजीरी वितरण में लगातार हो रही धांधली और कुछ कंपनियों के वर्चस्व को तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने 18 जिलो में स्वयं सहायता समूहों को काम देने का निर्णय लिया। बाद में 57 जिलों में टेंडर प्रक्रिया में कंपनियों के भाग नहीं लेने के कारण पूरे प्रदेश में यह काम स्वयं सहायता समूहों को सौंप दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभांगी कुलकर्णी ने बताया कि क्रियान्वयन में अभी समय लगेगा। पोषाहार उत्पादन प्लांट लगाने और इसकी अवस्थापना सुविधाओं को विकसित करने में न्यूनतम दो वर्ष का समय लगेगा, तब तक लाभार्थियों को सूखा राशन दिया जाएगा। जिले में 3112 आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चे, किशोरी और धात्री महिलाएं लाभान्वित होंगी।
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जिले के 3112 आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को मिलेगा लाभ
‘टेक होम राशन’ के रूप में गेहूं, चावल, दाल, सूखा दूध, देसी घी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। प्रदेश में नई व्यवस्था के तहत जिले के 3212 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीरी की जगह सूखा राशन दिया जाएगा। ‘टेक होम राशन’ के रूप में गेहूं, चावल, दाल, सूखा दूध, देसी घी आदि दिया जाएगा। इसका वितरण स्वयं सहायता समूह की ओर से सुनिश्चित किया जाएगा।
शासन स्तर से लिए गए निर्णय के अनुसार अन्य प्रदेशों की तरह उत्तर प्रदेश में भी ‘टेक होम राशन’ की व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब तक पोषाहार मिलता था। अब इसे बंद कर इसके स्थान पर राशन समेत अन्य सामग्री बांटने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए गेहूं, चावल भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से और देशी घी और सूखा दूध पाउडर प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड से निर्धारित मानकों के अनुसार स्वयं सहायता समूह को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा। समूह दलों को स्थानीय स्तर पर खरीदेंगे और निर्धारित मात्रा में वजन व पैकिंग कर आंगनबाड़ियों से विभिन्न श्रेणी के लाभार्थियों को हर महीने उपलब्ध कराएंगे। बताते चले कि पंजीरी वितरण में लगातार हो रही धांधली और कुछ कंपनियों के वर्चस्व को तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने 18 जिलो में स्वयं सहायता समूहों को काम देने का निर्णय लिया। बाद में 57 जिलों में टेंडर प्रक्रिया में कंपनियों के भाग नहीं लेने के कारण पूरे प्रदेश में यह काम स्वयं सहायता समूहों को सौंप दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभांगी कुलकर्णी ने बताया कि क्रियान्वयन में अभी समय लगेगा। पोषाहार उत्पादन प्लांट लगाने और इसकी अवस्थापना सुविधाओं को विकसित करने में न्यूनतम दो वर्ष का समय लगेगा, तब तक लाभार्थियों को सूखा राशन दिया जाएगा। जिले में 3112 आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चे, किशोरी और धात्री महिलाएं लाभान्वित होंगी।
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