{"_id":"6a2342969750ce72470345d4","slug":"report-against-five-accused-on-court-order-bilari-news-c-280-1-smbd1010-100812-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: अदालत के आदेश पर पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: अदालत के आदेश पर पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sat, 06 Jun 2026 03:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भगतपुर। भगतपुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने कई लोगों पर फर्जी बैनामा कराने, भूमि पर कब्जे की साजिश रचने का आरोप लगाया है। इस संबंध में न्यायालय के आदेश पर पांच आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ग्राम डूंगरपुर निवासी अरविंद सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में ग्राम बहेड़ी रोशनपुर में भूमि खरीदी थी और खरीद के बाद से उसका उपयोग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि भूमि के संबंध में पहले से कोई विवाद नहीं था और विक्रेताओं के हिस्से की भूमि भी बेची जा चुकी थी। आरोप है कि आरोपियों ने उसी भूमि का का फर्जी बैनामा अन्य व्यक्ति के पक्ष में करा दिया।
विज्ञापन
आरोप है कि बैनामे में जिन चेकों के माध्यम से भुगतान दर्शाया गया, उनका वास्तविक भुगतान नहीं हुआ, जिससे दस्तावेज की वैधता पर सवाल खड़े होते हैं। आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में जानकारी जुटाई तो उन्हें पता चला कि भूमि शेष न होने के बावजूद फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कराए गए। कहना है कि जब उन्होंने आरोपियों से बात कि तो उन्होंने दूसरा बैनामा निरस्त कराने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में टालमटोल करते रहे।
ग्राम डूंगरपुर निवासी अरविंद सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में ग्राम बहेड़ी रोशनपुर में भूमि खरीदी थी और खरीद के बाद से उसका उपयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उनका कहना है कि भूमि के संबंध में पहले से कोई विवाद नहीं था और विक्रेताओं के हिस्से की भूमि भी बेची जा चुकी थी। आरोप है कि आरोपियों ने उसी भूमि का का फर्जी बैनामा अन्य व्यक्ति के पक्ष में करा दिया।
Trending Videos
आरोप है कि बैनामे में जिन चेकों के माध्यम से भुगतान दर्शाया गया, उनका वास्तविक भुगतान नहीं हुआ, जिससे दस्तावेज की वैधता पर सवाल खड़े होते हैं। आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में जानकारी जुटाई तो उन्हें पता चला कि भूमि शेष न होने के बावजूद फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कराए गए। कहना है कि जब उन्होंने आरोपियों से बात कि तो उन्होंने दूसरा बैनामा निरस्त कराने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में टालमटोल करते रहे।