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Meerut News: निगम अफसरों और ठेकेदार के खिलाफ सफाई कर्मियों का प्रदर्शन
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मेरठ। नगर निगम के अफसरों और ठेकेदार के खिलाफ सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ का आरोप है कि पिछले करीब चार वर्षों से नगर निगम की सफाई निजी कंपनी द्वारा कराई जा रही है। इससे सफाई कर्मचारियों के श्रम अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। शोषण के मामले में सफाई कर्मचारियों ने निगम के अफसरों और ठेकेदार के खिलाफ देहली गेट थाने में तहरीर भी दी है।
संघ के अध्यक्ष शिवकुमार नाज एवं पूर्व पार्षद मुकेश पार्चा ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को निर्धारित मजदूरी, अवकाश और अन्य श्रम सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई कर्मचारियों को बिना किसी विधिक प्रक्रिया के नौकरी से हटाया जाता और नई नियुक्तियां भी नियमों के अनुरूप नहीं की जाती हैं। रेगुलेशन एंड एबोलिशन एक्ट 1970 के तहत ठेकेदार के पास श्रम विभाग द्वारा जारी लाइसेंस होना अनिवार्य है।
सफाई मजदूर संघ ने निगम के कुछ अधिकारियों पर भी ठेकेदार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, जनप्रतिनिधियों, श्रम विभाग के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में कर्मचारियों ने देहली गेट थाने में निगम अफसरों व ठेकेदार पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
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संघ के अध्यक्ष शिवकुमार नाज एवं पूर्व पार्षद मुकेश पार्चा ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को निर्धारित मजदूरी, अवकाश और अन्य श्रम सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई कर्मचारियों को बिना किसी विधिक प्रक्रिया के नौकरी से हटाया जाता और नई नियुक्तियां भी नियमों के अनुरूप नहीं की जाती हैं। रेगुलेशन एंड एबोलिशन एक्ट 1970 के तहत ठेकेदार के पास श्रम विभाग द्वारा जारी लाइसेंस होना अनिवार्य है।
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सफाई मजदूर संघ ने निगम के कुछ अधिकारियों पर भी ठेकेदार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, जनप्रतिनिधियों, श्रम विभाग के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में कर्मचारियों ने देहली गेट थाने में निगम अफसरों व ठेकेदार पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।