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Meerut News: शिक्षण शिविर में दिया आत्मचिंतन का संदेश
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रेलवे रोड जैन धर्मशाला में जैन मिलन सिद्धार्थ द्वारा कार्यक्रम
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रेलवे रोड स्थित जैन धर्मशाला में जैन मिलन सिद्धार्थ द्वारा आयोजित पांच दिवसीय जैन शिक्षण शिविर के दूसरे दिन सदर की स्वीटी दीदी ने आत्मचिंतन एवं आत्मकल्याण का महत्व बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ अचल जैन सराफ ने अतिथियों के साथ संपन्न कराया। स्वीटी दीदी ने कहा कि जब तक शरीर है तभी तक सांसारिक रिश्ते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन अवश्य करना चाहिए, लेकिन किसी को अपना मानकर मोह में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को यह समझना होगा कि वह शरीर नहीं बल्कि आत्मा है। सबसे अधिक प्रेम आत्मा से करना चाहिए। शरीर भी स्थायी नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आत्मा में ज्ञान प्रकट करने तथा भगवान बनने की क्षमता विद्यमान है। भगवान और आत्मा का ध्यान करते हुए जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। यह मानव जन्म अनादि काल तक नहीं मिलता।
भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज ने जैन सम्राट राजा कुमारपाल के जीवन पर प्रकाश डाला। मुख्य संयोजक अक्षय जैन रहे। इस अवसर पर सौरभ जैन सराफ, प्रमोद जैन, प्रवीण जैन, वीरेंद्र जैन, मुकेश जैन आदि रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रेलवे रोड स्थित जैन धर्मशाला में जैन मिलन सिद्धार्थ द्वारा आयोजित पांच दिवसीय जैन शिक्षण शिविर के दूसरे दिन सदर की स्वीटी दीदी ने आत्मचिंतन एवं आत्मकल्याण का महत्व बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ अचल जैन सराफ ने अतिथियों के साथ संपन्न कराया। स्वीटी दीदी ने कहा कि जब तक शरीर है तभी तक सांसारिक रिश्ते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन अवश्य करना चाहिए, लेकिन किसी को अपना मानकर मोह में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को यह समझना होगा कि वह शरीर नहीं बल्कि आत्मा है। सबसे अधिक प्रेम आत्मा से करना चाहिए। शरीर भी स्थायी नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आत्मा में ज्ञान प्रकट करने तथा भगवान बनने की क्षमता विद्यमान है। भगवान और आत्मा का ध्यान करते हुए जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। यह मानव जन्म अनादि काल तक नहीं मिलता।
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भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज ने जैन सम्राट राजा कुमारपाल के जीवन पर प्रकाश डाला। मुख्य संयोजक अक्षय जैन रहे। इस अवसर पर सौरभ जैन सराफ, प्रमोद जैन, प्रवीण जैन, वीरेंद्र जैन, मुकेश जैन आदि रहे।