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उन्नाव में दर्दनाक हादसा: ट्यूबवेल के 20 फीट गहरे गड्ढे में फंसे युवक को बचाने में छोटे भाई समेत दो की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 18 Sep 2021 09:02 PM IST
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सार
उन्नाव जिले में शनिवार को दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। एसडीएम ने जहरीली गैस की चपेट में आकर दम घुटने से मौत की आशंका जताई है।
घटनास्थल पर जांच करते एसडीएम राजेश चौरसिया व सीओ विक्रमाजीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उन्नाव जिले के समाधा गांव में ट्यूबवेल के 20 फीट गहरे गड्ढे में फंसे युवक को बचाने में छोटे भाई व ट्यूबवेल मालिक की जान चली गई। घायल युवक को पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बाहर निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
एसडीएम ने जहरीली गैस की चपेट में आकर दम घुटने से मौत की संभावना जताई है। दो की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के बिनदौवा गांव निवासी रामसेवक (50) ने नौ साल पहले असोहा थाना क्षेत्र के समाधा गांव में चार बीघा जमीन खरीदी थी।
इसी जमीन के कुछ हिस्से में मकान बनाकर वह पत्नी रामावती के साथ रहते थे। खेतों की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल लगवाया था। 20 फिट गहरे ट्यूबवेल को साफ कराने के लिए शनिवार को रामसेवक ने समाधा गांव के प्रहलाद (18) पुत्र अमृतलाल को बुलाया और गड्ढे में उतारा। नीचे जाने पर प्रहलाद का दम घुटने लगा।
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एसडीएम ने जहरीली गैस की चपेट में आकर दम घुटने से मौत की संभावना जताई है। दो की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के बिनदौवा गांव निवासी रामसेवक (50) ने नौ साल पहले असोहा थाना क्षेत्र के समाधा गांव में चार बीघा जमीन खरीदी थी।
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इसी जमीन के कुछ हिस्से में मकान बनाकर वह पत्नी रामावती के साथ रहते थे। खेतों की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल लगवाया था। 20 फिट गहरे ट्यूबवेल को साफ कराने के लिए शनिवार को रामसेवक ने समाधा गांव के प्रहलाद (18) पुत्र अमृतलाल को बुलाया और गड्ढे में उतारा। नीचे जाने पर प्रहलाद का दम घुटने लगा।
उसके शोर मचाने पर रामसेवक भी नीचे उतरे तो उसका भी दम घुटने लगा। दोनों का शोर सुन रामसेवक की पत्नी रामावती ने मदद के लिए आवाज लगाई। पास ही बकरी चरा रहा प्रहलाद का छोटा भाई 15 वर्षीय मुकेश भागकर आया और भाई को फंसा देख ट्यूबवेल के गड्ढे में कूद गया।
इसी बीच ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों को बाहर निकाला। भाई को बचाने के लिए गड्ढे में कूदे मुकेश व ट्यूबवेल मालिक रामसेवक की मौत हो गई।
इसी बीच ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों को बाहर निकाला। भाई को बचाने के लिए गड्ढे में कूदे मुकेश व ट्यूबवेल मालिक रामसेवक की मौत हो गई।
प्रहलाद को गंभीर हालत में सीएचसी असोहा ले जाया गया। वहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मुकेश व रामसेवक की मौत से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। एसडीएम राजेश चौरसिया, सीओ विक्रमाजीत सिंह ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। एसडीएम ने जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत की आशंका जता परिजनों को शासन से आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया है।
नहीं की जान की परवाह
बड़े भाई प्रहलाद का शोर सुन छोटे भाई मुकेश ने अपनी जान की परवाह नहीं की। वह चाहता तो रस्सी के सहारे नीचे उतर जाता, पर भाई को मुसीबत में देख वह ऊपर से 20 फीट गहरे गड्ढे में कूद गया। भाई तो बच गया पर मुकेश की जान चली गई।
नहीं की जान की परवाह
बड़े भाई प्रहलाद का शोर सुन छोटे भाई मुकेश ने अपनी जान की परवाह नहीं की। वह चाहता तो रस्सी के सहारे नीचे उतर जाता, पर भाई को मुसीबत में देख वह ऊपर से 20 फीट गहरे गड्ढे में कूद गया। भाई तो बच गया पर मुकेश की जान चली गई।
ग्रामीणों में चर्चा है कि गड्ढे की सफाई के लिए सबसे पहले प्रहलाद नीचे उतरा था। अगर गड्ढे में जहरीली गैस थी तो वह कैसे बच गया। प्रहलाद को बचाने के लिए गड्ढे में कूदा मुकेश रामसेवक के ऊपर गिर गया और खुद पाइप से टकरा गया। चोट लगने से दोनों की मौत हो गई।
पिता की मौत पर बिलख उठे बेटे
पिता रामसेवक की मौत की सूचना पर उसके दोनों बेटे अमर व संजीव लखनऊ से घटनास्थल पर पहुंचे और मां से लिपटकर बिलख पड़े। मां भी रोकर बेहाल हो गई। दोनों बेटे लखनऊ के मोहनलालगंज के बिनदौवा में ही पिता के घर पर रहते हैं।
पिता की मौत पर बिलख उठे बेटे
पिता रामसेवक की मौत की सूचना पर उसके दोनों बेटे अमर व संजीव लखनऊ से घटनास्थल पर पहुंचे और मां से लिपटकर बिलख पड़े। मां भी रोकर बेहाल हो गई। दोनों बेटे लखनऊ के मोहनलालगंज के बिनदौवा में ही पिता के घर पर रहते हैं।